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गोरक्षनगरी ने सहर्ष स्वीकार किया राममंदिर का फैसला, गोरखनाथ मंदिर में पूरे दिन रामचरित मानस का पाठ

Dheerendra Vikramadittya

Publish: Nov 09, 2019 20:01 PM | Updated: Nov 09, 2019 20:01 PM

Gorakhpur


Ayodhya Verdict

अयोध्या में राममंदिर पर फैसला आने के बाद गोरक्षनगरी ने उसे सहर्ष स्वीकार किया। निर्णय आने के बाद शहर से लेकर गांव तक पूरी तरह से शांत रहा। पुलिस-प्रशासन भी संवेदनशील जगहों पर सतर्क रहा। सबसे अहम यह कि गोरखपुरवासियों ने बेहद संयमित तरीके से फैसले का सम्मान किया। उधर, गोरखनाथ मंदिर में सुबह से ही रामचरित मानस का पाठ होता रहा। मंदिर परिसर में फैसला आने के बाद हर श्रद्धालु को ‘प्रसाद’ बांटा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार फोन कर मंदिर प्रबंधन से बातचीत किए। उन्होंने मंदिर से जुड़े लोगों से शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए अपने स्तर से सहयोग का आदेश दिया। वहीं, मंदिर प्रबंधन लगातार शहर की निगरानी व रिपोर्टिंग करता रहा।

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शनिवार को पूर्व में ही स्कूल-काॅलेज-कोचिंग्स व दोनों विश्वविद्यालयों समेत सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया था। हालांकि, शहर के बाजार पूर्व की भांति यथावत खुले थे लेकिन शहर एकदम खाली-खाली सा रहा। सड़कों पर गाड़ियों की संख्या बेहद कम दिखी। शहर में किसी प्रकार की कहीं कोई आपाधापी या फैसले को लेकर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं देखने को मिली। हर व्यक्ति प्रतिक्रिया देने से बचने की कोशिश किया। सबने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को एक सामान्य निर्णय की भांति ही स्वीकार करने की कोशिश भी की।

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शहर के कुसुम्ही बाजार से लेकर पैडलेगंज, गोलघर, धर्मशाला, रेती, विवि चैराहा, गोरखनाथ, बरगदवा, मेडिकल काॅलेज क्षेत्र सभी जगह सामान्य से बेहद कम ट्रैफिक रही। बाजार खुले थे लेकिन ग्राहक बेहद सीमित संख्या में निकले। पेट्रोलपंपों पर भी कोई खास भीड़ नहीं दिखी।
रवि, सुरेश, विजय कुमार, राजेश सिंह आदि ने बताया कि लोग इस फैसले को लेकर एक दिन पहले ही तैयारियां कर लिए थे। पेट्रोलपंपों, राशन की दुकानों या अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी शुक्रवार की देर रात खूब हुई। जानकारों ने बताया कि लोग फैसला आने को लेकर एक दूसरे को संयम बरतने की बात जरूर कर रहे थे लेकिन फैसला आने के बाद की स्थिति को लेकर सशंकित थे। इस वजह से आवश्यक सामानों की खरीदारी एक पहले ही कर ली थी।

सुरक्षा व्यवस्था का था पुख्ता इंतजाम

मुख्यमंत्री के जिले में पुलिस प्रशासन कई दिनों पहले से ही संवाद स्थापित कर लोगों को संयम बरतने की अपील करता था। फैसला आने के घंटों पहले से संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। उच्चाधिकारियों के साथ शहर के संभ्रांत लोग भी अपने क्षेत्र-मुहल्लों में मुश्तैदी से शांति व संयम से फैसला स्वीकारने की अपील करते रहे। लोगों व प्रशासन का समवेत प्रयास हर ओर देखने को मिला।

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