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Chhath Puja 2019 काँचहिं बाँस के बहेंगिया, बहँगी लचकत जाय से गुंजायमान हुआ पूर्वांचल

Dheerendra Vikramadittya

Publish: Nov 02, 2019 20:00 PM | Updated: Nov 02, 2019 20:00 PM

Gorakhpur


व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अघ्र्य

खास से आम तक पहुंचा घाटों पर भगवान भाष्कर से आशीर्वाद लेने

गोरखपुर-बस्ती मंडलों में शनिवार को व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अघ्र्य दिया। परिवार और समाज के हित की कामना की। पुत्रों के दीर्घायु होने की मन्नतें मांगी। इस दौरान पूर्वांचल के गोरखपुर-बस्ती क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण इलाके ‘काँचहिं बाँस के बहेंगीयां, बहँगी लचकत जाय’ स्वर से गुंजायमान होता रहा।

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शनिवार की सुबह से ही प्रशासनिक अमला सतर्क रहा। पुलिस भी सक्रिय रही। घाटों पर जगह जगह एनडीआरएफ भी मुश्तैद रही।

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पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही घाटों का निरीक्षण करते रहे।

काँचहिं बाँस के बहेंगिया, बहँगी लचकत जाय से गुंजरित हुआ पूर्वांचल

घाट पर आने वाली छठ व्रती महिलाओं व आम जनमानस को सुरक्षा व्यवस्था देने की व्यवस्थाओं को जांचा।

काँचहिं बाँस के बहेंगिया, बहँगी लचकत जाय से गुंजरित हुआ पूर्वांचल

सुरक्षा व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को हिदायत भी दी। पुलिस/प्रशासन के साथ साथ राजनैतिक व समाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपने क्षेत्र के सभी पोखरों का निरीक्षण किया और व्यवस्था का जायजा लिया।

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काम कर रही समितियों के जिम्मेदारों से बातचीत कर छोटी-बड़ी गलतियों और लापरवाहियों की ओर ध्यान खींचा और इंतजामात को और पुख्ता कराया।

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दोनों मंडल के सभी जिलों गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर में इस महापर्व के प्रति जबर्दस्त उत्साह व श्रद्धा देखने को मिला।

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ग्रामीण और शहरी इलाकों में बनीं छठ वेदिकाओं पर तकरीबन घंटे भर पूजा-अर्चना करने वाली महिलाओं ने डूबते सूर्य को अघ्र्य देकर वापस हुईं।

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इस दौरान पोखरों, तालाबों, नदियों के किनारे बानी वेदिकाएँ दियों की रोशनी से झिलमिलाती रहीं।

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व्रती महिलाओं के साथ उनके युवक-युवतियां, बच्चे-बच्चियों ने भी श्रद्धा के इस महापर्व को उत्साहपूर्वक मनाया।