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Ayodhya ka Faisla यह परीक्षा की घड़ी है, मिलकर हर स्थिति से निपटें, शांति को कायम रखने में एक दूसरे की मदद करें

Dheerendra Vikramadittya

Publish: Nov 09, 2019 00:12 AM | Updated: Nov 09, 2019 00:12 AM

Gorakhpur

अयोध्या फैसला

अयोध्या राममंदिर फैसले को देखते हुए जिला से लेकर मंडल स्तर तक के अधिकारियों ने कई दिनों से कवायद करनी प्रारंभ कर दी थी। शुक्रवार को मंडलायुक्त व एडीजी ने अधिकारियों व धर्मगुरुओं/सामाजिक लोगों की अलग अलग बैठकें कर कोई फैसला आने के बाद शांति बनाए रखने की अपील की।

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मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर ने सेक्टर/जोनल/सबजोनल मजिस्ट्रेट्स की बैठक में कहा कि यह चुनौती भरा समय है। प्रत्येक अधिकारी की सूझबूझ पर निर्भर करेगा कि हम मण्डल/जनपद को शांतिपूर्ण रखने में कितने सफल होंगे। सभी अधिकारी बेहतर सामन्जस्य के साथ कार्य करेंगे तो विश्वास है कि कही भी कोई भी अप्रिय घटना नही होने पायेगी। उन्होंने कहा कि अराजक तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाये और आमजन में सुरक्षा की भावना के दृष्टिगत संवाद स्थापित करते रहे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी करते रहे और अफवाहों को तत्काल खण्डन भी करें तथा अपने सूचना तन्त्र को मजबूत रखें।
आवाम से अपील करते हुए मंडलायुक्त नार्लिकर ने कहा कि जिस प्रकार एक दीपक से सैकड़ों दीपक जलते है उसी प्रकार आप लोग भी अपने क्षेत्रों में जाकर एक दीपक की भांति सैकड़ों लोगों में शांति और सद्भावना के प्रति जागरूक करने का कार्य करें। यह सैकड़ों लोग भी लोगों को जागरूक करेंगे तो एक कड़ी बनती चली जायेगी और शांति का माहौल स्थापित रहेगा।

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जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पाण्डियन ने बताया कि प्रत्येक गांव के छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़ी अधिकारियों तक की डियूटी लगाई गयी है तथा सभी को जिम्मेदारी दी गयी है कि वे लगातार भ्रमण कर लोगों से संवाद स्थापित करें तथा किसी भी सूचना से तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत करावें।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह एक परीक्षा की घड़ी है इसमें सभी को मिलकर कार्य करना होगा, मा. उच्चतम न्यायालय का फैसला जो भी हो सभी लोग उसे स्वीकार करें। किसी की संवेदनाओं से खिलवाड़ न किया जाये, किसी की भावना को आहत करने के लिए छूट नही दी जायेगी।

अधिकारियों समेत शांति समिति के सदस्य डाॅ. अजीज, आदिल अमीन, अब्दुल्लाह, जवाहर कसौधन, कालीबाड़ी के महन्त, डाॅ. गुलाटी, आजिक्य लाहिड़ी, डाॅ. बलवीर सिंह, अमर तुलस्यान, काजी नजरे आलम के अलावा चेम्बर आफ टेªडर्स, चेम्बर आफ कामर्स के सदस्यों सहित विभिन्न वर्गाें व संस्थानों के लोग मौजूद रहे।

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