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कश्मीर के बाद अब यहां लग सकता है सोशल मीडिया पर बैन, सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर शासन का पहरा

Dheerendra Vikramadittya

Publish: Nov 06, 2019 09:40 AM | Updated: Nov 06, 2019 09:40 AM

Gorakhpur

  • जिला प्रशासन व पुलिस की उच्चाधिकारियों की संस्तुति पर होगा निर्णय
  • राम मंदिर प्रकरण को लेकर प्रशासन हुआ सतर्क, सोशल मीडिया पर खूब फैलाया जा रहा अफवाह

अयोध्या राममंदिर प्रकरण पर फैसला आने के पहले सोशल मीडिया पर पहरा बैैठ सकता है। आशंका जताई जा रही है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स को एक दो दिन के लिए पूरी तरह से ठप कर दिया जाएगा। गोरखपुर पहुंचे पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी एडीजी एटीएस डीके ठाकुर ने साफ तौर पर कुछ भी इनकार न कर इन आशंकाओं को और बल दे दिया है। एडीजी एटीएस डीके ठाकुर ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि सोशल मीडिया पर बैन जिला प्रशासन की मर्जी पर है। अगर एसएसपी व डीएम अगर कोई इस प्रकार की रिपोर्ट देते हैं तो इस पर उच्चस्तर पर विचार किया जा सकता है।

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अयोध्या में राममंदिर प्रकरण पर 17 नवम्बर से पहले निर्णय आने को है। कोर्ट का फैसला आने के पहले या उसके बाद किसी प्रकार की अफवाह न फैले या सामाजिक सौहार्द न बिगड़े इसके लिए हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इधर, बीच सोशल मीडिया भी एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म बनता जा रहा है। यहां सही गलत हर तरह की बातें होती रहती हैं। कई बार सोशल मीडिया का अफवाह माहौल बिगाड़ दे रहा है। इसलिए अब प्रशासन सोशल मीडिया को लेकर भी चैकन्ना हो चुका है।
एडीजी ठाकुर ने स्वयं माना कि सोशल मीडिया पर सकारात्मक सूचनाओं की जगह नकारात्मक सूचनाएं और अफवाहों की भरमार है। हालांकि, हर जिलें में सोशल मीडिया सेल, साइबर सेल इस पर निगरानी कर रही हैं। इस पर लगातार कार्रवाईयां भी हो रही हैं। लेकिन फिर भी तमाम गलत सूचनाएं प्रसारित कर दी जा रही हैं।

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ऐसे में अयोध्या के संवेदनशील प्रकरण में किसी प्रकार की अफवाह सोशल मीडिया के माध्यम से न फैले इसके लिए शासन लगातार मंथन कर रहा है। अगर सोशल मीडिया पर अफवाहों पर लगाम नहीं लग सका तो उसे कुछ घंटों के लिए निष्क्रिय कर दिया जा सकता है। हालांकि, यह फैसला स्थानीय प्रशासन डीएम और एसपी को लेना होगा। अगर उन्हें लगेगा कि ऐसा करना चाहिए और वे इसकी रिपोर्ट देंगे तो उस पर फैसला लिया जाएगा।

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