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यूपी में पराली जलाने पर पहली गिरफ्तारी, इस जिले के चार किसान गिरफ्तार

Dheerendra Vikramadittya

Publish: Nov 07, 2019 18:19 PM | Updated: Nov 07, 2019 18:19 PM

Gorakhpur


Action against farmers

प्रदूषण से दिल्ली जैसे हालात न हो इसके लिए यूपी सरकार ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। सरकार की सख्ती के बाद अब यूपी में किसानों की गिरफ्तारियां भी शुरू हो गई है। पराली जलाने के आरोप में महराजगंज में चार किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। तहसीलदार के आदेश पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

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महराजगंज जिले के ठूठीबारी क्षेत्र में तहसीलदार राहुल देव भट्ट को सूचना मिली कि क्षेत्र के कुछ किसान पराली जला रहे हैं। तहसीलदार ने डाॅयल 100 को फोन कर जानकारी दी। सूचना पर सक्रिय हुई डाॅयल 100 पुलिस ने कई गांवों में कार्रवाई कर चार किसानों को पराली जलाते हुए हिरासत में लिया। कड़जा गांव के आत्मादास, डिगही के अर्जुन नायक, इटहिया के किशोर यादव व रामपरीखन को पुलिस ने हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। तहसीलदार के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस ने चारों किसानो के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया।

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गीडा में निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक

गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजीव रंजन ने गीडा क्षेत्र में सभी प्रकार के निर्माण कार्य या किसी प्रकार के ध्वस्तीकरण के काम पर रोक लगा दी है। रंजन ने बताया कि गीडा क्षेत्र में कूड़ा-कचरा जलाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि गीडा क्षेत्र की अर्धनिर्मित सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जाए ताकि धूल के कण वायु को प्रदूषित न करें।

किसानों को नहीं मिलेगा किसी प्रकार का अनुदान, दर्ज हो एफआईआर

कमिश्नर जयन्त नार्लिकर पराली जलाने पर रोकथाम के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने सख्त कदम उठाने का निर्देश देते हुए कहा है कि जो भी किसान पराली/फसल अवशेष जलाते हुए पाये जाते है उन्हें किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता/अनुदान उपलब्ध न कराने की कार्यवाही की जाये। यदि किसान बार बार पराली/फसल अवशेष जलाते हुए पाये जाय तो उनके उपर जर्माना के साथ एफ.आई.आर. भी कराया जाये। एक माह के लिए मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर फसल अवशेष जलाने वालों पर निगरानी रखी जाये तथा फसल अवशेष जलाने पर जिलाधिकारी एंव मुख्य विकास अधिकारी कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करें।

बिना रिपर वाले कम्बाइन होंगे सील

मण्डलायुक्त ने आदेश दिया कि जिला स्तर पर दूसरे प्रान्तों से आने वाली कम्बाइन मशीनों की जांच की जाये, बिना बाइटर रिपर के कोई कम्बाइन मशीन न चले, यदि कोई मशीन बिना रिपर के चले तो उसे तत्काल सील किया जाये।

पराली जलाने पर ग्राम प्रधान व लेखपाल पर भी कार्रवाई

सरकार ने पराली जलाने पर अधिकारियों के साथ साथ ग्रामप्रधान व लेखपालों की भी जवाबदेही सुनिश्चित की है। सरकार ने अब पराली जलाने की घटना प्रकाश में आने पर उस गांव के लिए नामित कर्मचारी को जिम्मेदार माना जाएगा और उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व की अध्यक्षता में जनपद स्तर पर एक सेल का गठन करने का निर्देश दिया गया है। इस सेल में संबंधित विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे जो जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी तरीके से रोकथाम के कदम उठाएंगे।

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