स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

थाने में बदमाशों को छुड़ाने पहुंचा "एसटीएफ का अधिकारी" समेत 3 गिरफ्तार

Virendra Kumar Sharma

Publish: Aug 17, 2019 11:19 AM | Updated: Aug 17, 2019 11:20 AM

Ghaziabad

• गिरोह के कुछ सदस्य खुद को एसटीएफ का अफसर बता पुलिस को देते थे झांसा
• पुलिसवाले बनकर साथियों को छुड़ाने पहुंचा
• लूट के बाद पकड़े गए थे उसके 2 साथी

 

गाजियाबाद. थाना सिहानी गेट पुलिस ने शुक्रवार को पुलिसकर्मी बनकर लोगों से उगाही और पुलिस से बदमाशों को छुड़ाने वाले 3 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से 2 बाइक, एक वॉकीटॉकी और तमंचा बरामद किया है। यह गैंग लोगों के साथ लूटपाट करता था। इनमें से कोई बदमाश पकड़ा जाता था तो उसके साथी पुलिसकर्मी बनकर उसे छुड़ा लेते थे। ये पुलिसकर्मियों को अपने जाल में फंसाकर बदमाशों को ले जाते थे। फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ये दिल्ली बॉर्डर, गाजियाबाद और आस-पास एरिया में कई घटना को अंजाम दे चुके है।

यह भी पढ़ें: Big News: हिंडन एयर बेस पर अचानक किया गया हाई अलर्ट, स्कूल किए गए बंद

सिहानी गेट कोतवाली इंचार्ज उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि साहिल, संदीप और रिहान को गिरफ्तार किया गया हैं। उन्होंने बताया कि सिकरोड़ निवासी विक्रांत के साथ पल्सर बाइक सवार 3 बदमाशों ने लूट की घटना का प्रयास किया था। लूट का प्रयास कर रहे बदमाश रिहान और साहिल को आस—पास के लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। बताया गया है कि मौके से संदीप फरार हो गया। उधर, बदमाशों को लेकर पुलिस चौकी पहुंच गई। उमेश बहादुर ने बताया कि कुछ देर बाद ही बदमाश संदीप अपनी पत्नी पूजा के साथ बाइक पर सवार होकर चौकी पहुंच गया। उसके हाथ में एक वॉकीटॉकी भी था। चौकी में पहुंचकर उसने खुद को पुलिसकर्मी बताया।

उसने पकड़े बदमाशों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाने की बात कही। लेकिन पूछताछ के दौरान उसकी पोल खुल गई। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपी पहले भी कई वारदात में शामिल रह चुके है। इनका कोई साथी पकड़ा जाता तो उसके साथी फर्जी पुलिसकर्मी या एसटीएफ के अधिकारी मौके पर पहुंच जाते। उसके बाद आरोपियों को छुड़ा लेते थे। फर्जी पुलिसकर्मी बनकर पहले भी लोगों के साथ उगाही कर चुके है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

रजिस्टर में एंट्री होने से पहले ही पहुंच जाते थे थाने

तीनों में कोई से भी पकड़ा जाता था तो उसके साथी तुंरत मौके पर पहुंच जाते थे। पुलिसकर्मियों को झांसा देकर अपने साथियों को अपने साथ पूछताछ के बहाने ले जाते थे। उन्हें मालूम था कि थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद में उन्हें छूडाना आसान नहीं होगा। साथ ही पोल खुलने का खतरा रहता। रिहान डकैती के मामले में जेल जा चुका है। ये कपल को टारगेट करते और उन्हेंं लूट लिया करते थे। ये सिविल ड्रेस में खुद को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम व एसटीएफ का अधिकारी बताते थे।

यह भी पढ़ें: गंगा स्नान के दौरान एक परिवार 5 लोग डूबे, भाई-बहन लापता, परिजनों में मचा कोहराम, देखें वीडियो-