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खाते से ठगों ने ऐसे निकाल लिये करोड़ों रुपये, पीड़ित को 2 साल बाद लगा पता तो हुआ ये बड़ा खुलासा

Nitin Sharma

Publish: Sep 22, 2019 15:59 PM | Updated: Sep 22, 2019 15:59 PM

Ghaziabad

Highlights

  • बैंक में सांठगांठ कर आरोपियों किया करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी
  • पीडि़त के नाम पर दूसरा एटीएम बनवाकर खाते से निकाले करीब सवा करोड़ रुपये
  • पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के थाना मसूरी पुलिस ने बैंक खातों से धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपए निकालने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दूसरे खातों से निकाले गए 7 लाख 95 हजार रुपए की नगदी भी बरामद की है। आरोपी बैंक में सांठगांठ कर रुपयों से भरे खातों का पता लगाकर उनका एटीएम बनवाकर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देते थे।

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एटीएम के जरिये निकाल लिये गये एक करोड़ रुपये

इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसपी देहात नीरज कुमार जाधव ने बताया कि दिनांक 4 /7/ 19 को मसूरी के कल्लू गढ़ी में रहने वाले तैयब खान पुत्र रोजदार खान थाना मसूरी में एक मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें पीडि़ता ने बताया था कि डासना स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में उनका खाता है। इसी खाते के एटीएम के द्वारा पिछले कुछ दिनों में 1 करोड़ 13 लाख 83 हज़ार रुपए गलत तरह से निकाल लिए गये हैं। जबकि उन्होंने 2 साल पहले ही अपना एटीएम बंद करवा दिया था। पुलिस ने पीडि़त के द्वारा दी गई, तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया। और इसकी जांच करते हुए पुलिस ने सुनील तिवारी पुत्र सुरेश तिवारी निवासी माहौर कॉलोनी मुरैना हाल निवासी डीडीए फ्लैट दिल्ली 37, और सूरज मंडल उर्फ सम्मी पुत्र पवन सिंह निवासी सावित्री नगर मालवीय नगर दिल्ली, को गिरफ्तार कर लिया।

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बैंक में सेटिंग कर ज्यादा रुपयों वालों खाते के लेते थे जानकारी

एसपी ने बताया कि दोनों आरोपी दिल्ली में रहते है। उनकी पड़ोस में ही रहने वाले अजय से दोस्ती थी। अजय ने ही उन्हें बताया कि उनका एक परिचित आलम उर्फ हकीम खतौली मेरठ का है । जो बैंक से सांठगांठ करके ऐसे खातों की जानकारी देता है। जिस खाते में बड़ी धनराशि मौजूद होती है ।अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि हकीम ने उन्हें बताया था। कि उक्त तय्यब के खाते में एक करोड़ से अधिक रुपए हैं । और उसी ने ही तय्यब के करीब 2 वर्ष पहले से बंद पड़े मोबाइल नंबर को चालू कराया था । और बैंक को भी मेल किया कि मेरा एटीएम सूरज मंडल नाम का व्यक्ति जिसे में भेज रहा हूं । उसे दे दिया जाए । सूरज मंडल मैसेज काल्पनिक नाम था । जिसका आधार कार्ड भी फर्जी तरह से बनाया गया था। जिस पर सम्मी की फोटो लगी थी। सम्मी ने बैंक जाकर पीडि़त का एटीएम प्राप्त कर लिया । उसके बाद उक्त धनराशि को खातों से निकालकर आपस में बांट लिया। अभियुक्तों ने बताया कि उन्हें हकीम ने दोबारा बुलाया। और उन्हें एक नया काम सौंपने की तैयारी की थी। जो करोड़ों रुपए के किसी बैंक खाते से संबंधित था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।