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Video: Congress को जिंदा करने के लिए पहली बार Priyanka Gandhi कर रहीं ऐसा संघर्ष, लेकिन यूपी के इस जिले में एक साथ नहीं खड़े हुए कांग्रेसी नेता

Ashutosh Pathak

Publish: Jul 20, 2019 11:38 AM | Updated: Jul 21, 2019 12:09 PM

Ghaziabad

  • गाजियाबाद में कांग्रेस की कमजोर होती पकड़
  • सरकार के खिलाफ पुतला दहन दिखे दर्जनभर कार्यकर्ता
  • प्रिंयका गांधी को सोनभद्र रोके जाने से कांग्रेसी नाराज

गाजियाबाद। कांग्रेस को दुबारा से जिंदा करने के लिए एक ओर जहां यूपी के सोनभदर् जिले में प्रियंका गांधी पहली बार संघर्ष कर रही हैं। वहीं वेस्ट यूपी के गाजियाबाद जिले में कांग्रेस नेता एक साथ खड़े नजर नहीं आए। दरअसल सोनभद्र जाते समय प्रियंका गांधी को रोके जाने के बाद से प्रदेशभर के कांग्रेसियों में बेहद नाराजगी है। जगह-जगह प्रदेश सरकार ( Uttar Pradesh government ) का पुतला फूंका जा रहा है। इसी के चलते गाजियाबाद ( Ghaziabad ) में भी कुछ कांग्रेसियों ने सरकार का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लेकिन हैरानी की बात यह है कि गाजियाबाद में पुतला फूंकने वक्त आधे कांग्रेसी ( Congress ) कार्यकर्ता नदारद रहे। कार्यकर्ताओं की संख्या बेहद कम नजर आई।

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को सोनभद्र जाने से रोकेने की बात को लेकर बेहद नाराज हैं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार का पुतला फूंका जा रहा है। तो वही कांग्रेसियों की संख्या बेहद कम नजर आई। दरअसल इसका कारण यह भी माना जा रहा है कि कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद से तमाम पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भी इस्तीफा दे दिया है और अब लगातार गाजियाबाद में कांग्रेस का स्तर घटता नजर आ रहा है।

प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाने से रोके जाने के बाद नाराज कांग्रेसी नेता एवं पूर्व राज्य मंत्री सतीश शर्मा के नेतृत्व में गाजियाबाद के पुराने बस अड्डे पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया और सरकार का पुतला फूंका गया। इस दौरान पुराने कांग्रेसी नेता हरेंद्र कसाना, ओम प्रकाश शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, सुभाष, पवन शर्मा, लोकेश चौधरी ही मुख्य रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा इस विरोध प्रदर्शन में कद्दावर नेता ही नहीं कांग्रेस की सांसद प्रत्याशी डोली शर्मा भी नजर नहीं आई। हालांकि शुक्रवार को ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी देवेंद्र कुमार ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया था। जिसमें बताया गया था कि 22 जुलाई को एआईसीसी के सचिव वे उत्तर प्रदेश प्रभारी राणा गोस्वामी गाजियाबाद पहुंचेंगे। जिसके बाद वह कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक करेंगे और बैठक में संगठन पर विस्तार पर भी कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा की जाएगी, यानी इस विरोध प्रदर्शन सवाल उठने लगे हैं कि क्या गाजियाबाद में कांग्रेस का अस्तित्व खतरे में है।