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ये महिला है Real Hero, अपनी जान खेलकर बचा ली डेढ़ दर्जन लोगों की जिंदगी, देखें Video

lokesh verma

Publish: Sep 12, 2019 17:48 PM | Updated: Sep 12, 2019 17:48 PM

Ghaziabad

Highlights
- महिला कांस्टेबल ने बहादुरी का परिचय देते हुए 17 लोगों को मौत के मुंह में जाने से बचाया
- गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में तैनात हैं महिला कांस्टेबल मंजू उपाध्याय
- महिला कांस्टेबल की बहादुरी की लोग जमकर कर रहे तारीफ

गाजियाबाद. एक होमगार्ड महिला कांस्टेबल ने सतर्कता और बहादुरी का परिचय देते हुए 17 लोगों को मौत के मुंह में जाने से बचाया है। महिला कांस्टेबल की बहादुरी की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जीडीए का सचल दस्ता गाड़ी में सवार होकर एक अवैध टाॅवर को सील करने जा रहा था। इसी बीच गाड़ी के चालक की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गर्इ। यह देख महिला कांस्टेबल मंजू ने बहादुरी की मिसाल पेश करते हुए अपने साथ 17 लोगों की जान बचा ली।

जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार की है। बताया जा रहा है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की एक टीम गाड़ी में सवार होकर अकबर बहरामपुर स्थित एक अवैध टाॅवर को सील करके लौट रही थी। वाहन में उस समय चालक समेत कुल 18 लाेग सवार थे। गाड़ी तेज रफ्तार पर थी, लेकिन इसी बीच वाहन चालक काे हार्ट अटैक आ गया। कोर्इ कुछ समझ पाता इससे पहले ही चालक की मौत हो गई और अचानक वाहन अनियंत्रित होने लगा।

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इसी दौरान चालक के पास ही बैठी महिला कांस्टेबल मंजू उपाध्याय ने चालक को बेसुध देखा तो तुरंत ब्रेक दबाते हुए स्टेयरिंग संभाल लिया। हालांकि वाहन कुछ ठेलों से टकरा गया, लेकिन वाहन खंभे और नाले में गिरने से बच गया। इस तरह मंजू उपाध्याय ने बहादुरी दिखाते हुए वाहन में मौजूद सभी लोगों की जान बचा ली।

इस संबंध में जब महिला कांस्टेबल मंजू उपाध्याय से बात की गर्इ तो उन्होंने बताया कि उन्होंने अचानक देखा कि चालक की तबीयत खराब है और वह स्‍टेयरिंग पर सिर रखे हुए है। इसी बीच वाहन अनियंत्रित होकर खंबे से टकराने वाला ही था कि उन्होंने समय रहते ब्रेक लगा दिए और स्टेयरिंग संभाल लिया। गाड़ी रुकते ही सभी की सांस में सांस आर्इ। मंजू उपाध्याय ने बताया कि उन्‍होंने गाड़ी चलाने का 15 दिन का कोर्स किया है।

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