स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

Video: गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं का अनोखा वीडियो हो रहा वायरल, जानिये क्या है मामला

lokesh verma

Publish: Aug 22, 2019 14:54 PM | Updated: Aug 22, 2019 14:54 PM

Ghaziabad

खास बातें-

- स्कूल की प्रधानाचार्य ने नगर निगम पर लगाए गंभीर आरोप
- कहा- 6 महीने के अंदर 10 बार शिकायत देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
- गाजियाबाद स्थित इस्लाम नगर के एमवे गल्र्स कॉलेज का मामला

गाजियाबाद. महानगर के न्यू बस स्टैंड स्थित इस्लाम नगर के एमवे गर्ल्स कॉलेज के पास सीवर चौक होने के कारण सड़क पर जलभराव और बदबूदार कूड़े से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। यहां स्कूली बच्चे पानी में निकलकर स्कूल जाते हैं। स्थिति इतनी बदतर है कि छात्राएं बदबू के बीच घुट-घुट कर पढ़ाई करने पर मजबूर हैं।

एक तरफ गाजियाबाद को स्वच्छ और साफ-सुथरा बनाए जाने के उद्देश्य से नगर निगम और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण तमाम प्रयास कर रहे हैं। इसके नाम पर करोड़ों रुपए का खर्च भी हो रहा है, लेकिन उसके बावजूद एमवे गर्ल्स कॉलेज की तरफ किसी का कोई ध्यान नहीं है। यहां बड़ी संख्या में लड़कियां शिक्षा ग्रहण करने आती हैं। स्कूल स्टाफ और पढ़ाई करने के लिए आने वाली छात्राओं का कहना है कि यहां से निकलना भी दूभर हो गया है। इतना ही नहीं यहां आने वाले लोग लगातार तरह-तरह की बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें- बाबा के कहने पर इंजीनियर ने लगा दी 70 फीट से छलांग, जानिये फिर क्या हुआ इसके बाद

वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इस बारे में कई बार नगर निगम को भी सूचित किया जा चुका है, लेकिन उसके बावजूद भी इस तरह किसी का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां लगातार कूड़ा भी डंप किया जा रहा है। लोगों को गंदगी से होकर गुजरना पड़ रहा है। यहां की स्थिति कब तक सुधरेगी इसका जवाब तो शायद गाजियाबाद नगर निगम की महापौर और नगर आयुक्त ही दे पाएंगे।

इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए स्कूल की प्रधानाचार्य शबाना खातून ने बताया कि यहां पर बदबू के कारण रुकना भारी हो जाता है। करीब पिछले 6 महीने से यहां यही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि वह खुद भी लंग्स की समस्या से जूझ रही हैं, जिसके कारण उन्हें और ज्यादा परेशानी होती है। इस समस्या को लेकर नगर निगम में 6 महीने के अंदर 10 बार शिकायत की जा चुकी है। उसके बावजूद भी इस तरफ किसी का कोई ध्यान नहीं है। बहरहाल यहां की स्थिति देखने के बाद यह साफ जाहिर है कि कहीं ना कहीं नगर निगम के अधिकारियों द्वारा गाजियाबाद को साफ-सुथरा और सफाई के लिए चलाया जा रहा अभियान खोखला नजर आता है।

यह भी पढ़ें- Article 370 हटाए जाने के बाद मुस्लिम महिला ने पाकिस्‍तानी उच्‍चायुक्‍त से लगाई यह गुहार