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'पत्रिका' की मुहिम ला रही रंग, बनाए गए 29 रैन बसेरे, जल्द होगी अलाव की व्यवस्था

lokesh verma

Publish: Dec 14, 2019 13:12 PM | Updated: Dec 14, 2019 13:12 PM

Ghaziabad

Highlights
- गाजियाबाद में रैन बसेरों के रियलिटी चेक की खबर का असर
- प्रशासनिक अधिकारियों ने किया सभी रैन बसेरों का निरीक्षण
- व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

गाजियाबाद. जिले के रैन बसेरों (Night Shelters) का हाल किसी से छिपा नहीं है। इसको लेकर 'पत्रिका' लगातार खबरों का प्रकाशन कर रैन बसेरों में फैली अव्यवस्था से लोगों को रू-ब-रू करा रहा है। 'पत्रिका' की खबरों के प्रकाशन के बाद गाजियाबाद (Ghaziabad) जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। यही वजह है कि जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय (DM Ajay Shankar Pandey) के निर्देश पर जिले में 29 स्थानों पर रैन बसेरों की व्यवस्था कर दी गई है। इसके साथ ही मुख्य चौराहों पर शीतलहर (Cold Wave) से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था की जा रही है। अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व यशवर्धन श्रीवास्तव ने रैन बसेरों की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से निरीक्षण भी किया है। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं।

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उल्लेखनीय है कि लगातार हाड़ कंपा देने वाली सर्दी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अचानक बारिश और शीतलहर के कारण तापमान में भारी गिरावट हो रही है। इसको ध्यान में रखते हुए निर्बल और असहाय लोगों को ठंड से बचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व यशवर्धन श्रीवास्तव ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर शीतलहर से बचाने के लिए जिले में कुल 29 स्थानों पर रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। जहां पर निर्बल एवं असहाय लोग रात्रि प्रवास कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही नगर क्षेत्रों में मुख्य चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील करते हुए कहा है कि अगर वह गरीबों को कंबल वितरित करना चाहते हैं तो रैन बसेरों में ही कंबल बांटे, सड़कों आदि पर कंबल का वितरण न करें।

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जनसामान्य का आह्वान

उन्होंने बताया कि शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी निर्बल एवं असहाय लोगों को रैन बसेरों में रखा जाए। इसके साथ ही उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने जनसामान्य का आह्वान करते हुए कहा है कि अगर उन्हें भी सर्दी से ठिठुरता कोई निर्बल या असहाय व्यक्ति दिखाई दे तो उन्हें रैन बसेराें में शरण लेने के लिए कहें।

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