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गाजियाबाद के रेलवे सुपरिटेंडेंट का वेंडर ने खोला ऐसा राज कि पहुंच गये जेल

Nitin Sharma

Publish: Sep 22, 2019 18:51 PM | Updated: Sep 22, 2019 18:51 PM

Ghaziabad

Highlights

  • कुछ महीने बाद ही रिटायर होने वाले थे चीफ ऑफिसर सुपरिटेंडेंट
  • रिश्वत के इतने रुपये लेते हुए विजिलेंस ने पकड़ा रंगे हाथ
  • वेंडर ने विजिलेंस टीम को दी थी शिकायत

गाजियाबाद। रेलवे कर्मचारी से लेकर अधिकारियों तक आए दिन वेंडरों से वसूली से लेकर रिश्वत मांगने से लेकर तमाम तरह के मामले सामने आते रहते हैं। इसी तरह एक मामला गाजियाबाद में भी सामने आया। जिसमें वेंडर की शिकायत पर पहुंची विजिलेंस और सीबीआई ने चीफ ऑफिसर सुपरिटेंडेंट को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के रेलवे स्टेशन पर रफीक अहमद चीफ ऑफिसर सुपरिटेंडेंट के पद पर तैनात है। बताया जा रहा है कि पिछले काफी समय से सुपरिटेंडेट की रिश्वत मांगने की शिकायत मिल रही थी। इस संबंध में सीबीआई ने रेलवे अधिकारियों समेत स्टेशन मास्टर और टीटी से पूछताछ की। इसी के बाद शनिवार को अचानक ही सीबीआई और रेलवे विजिलेंस ने चीफ ऑफिस सुपरिटेंडेंट रफीक अहमद के यहां छापा मारकर उन्हें रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। बताया जाता है कि एक वेंडर ने अहमद के खिलाफ रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। इसमें रफीक अहमद ने वेंडर से तीन हजार रुपये की रिश्वत ली थी।

कुछ दिन बाद ही होने वाला था रिटायरमेंट

वहीं अधिकारियों के अनुसार रफीक अहमद का चंद माह बाद ही रिटायरमेंट होने वाला था, लेकिन इससे पहले ही रिश्वत के मामले में उन्हें विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं बता दें कि अक्सर रेलवे अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की वेंडर को परेशान करने से लेकर उनसे रुपये लेने की शिकायत और घटना सामने आती रहती हैं। इन्हीं को रोकने और कार्रवाई के लिए रेलवे विजिलेंस का गठन भी किया गया। जिससे इस पर रोक लगाई जा सकें।