स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

मोदी सरकार के खिलाफ फूटा बैंककर्मियों का गुस्सा, धरना-प्रदर्शन कर किया बड़ा ऐलान, देखें वीडियो

Rahul Chauhan

Publish: Oct 22, 2019 15:31 PM | Updated: Oct 22, 2019 15:32 PM

Ghaziabad

Highlights:

-सभी कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर चले गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया

-इस दौरान उन्होंने बैंकों के विलय किए जाने का विरोध जताया

-बैंक कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की

गाजियाबाद। जनपद के नवयुग मार्केट स्थित सिंडिकेट बैंक के सभी कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर चले गए और यूनियन के बैनर तले जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एकत्र होकर सरकार द्वारा बैंकों को दूसरे बैंकों में विलय किए जाने का विरोध जताया और जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की।

यह भी पढ़ें : विलय को लेकर बैंक कर्मी हड़ताल पर, सरकार को दे डाली ये चेतावनी

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि जबसे कुछ बैंकों का दूसरे बैंकों में विलय कर दिया गया है तब से कई लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही जो बैंक के कर्मी हैं उनकी नौकरी भी खतरे में पड़ गई है। इस बात को लेकर सभी बैंककर्मी सरकार के इस फैसले से बेहद नाराज हैं।

यह भी पढ़ें: यूपी में कांग्रेस को कितना मजबूत किया, अब पदाधिकारियों का भी बनेगा रिपोर्ट कार्ड

बताते चलें कि वित्तमंत्री द्वारा बैंकों के विलय का ऐलान किया गया था। जिसके चलते यूनाइटेड बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और पंजाब नेशनल बैंक का विलय हुुुआ। दूसरी ओर केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक का आपस में विलय हुुुआ। तीसरा बड़ा विलय यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का होगा, जबकि इलाहाबाद बैंक के साथ इंडियन बैंक का विलय हुुुआ है।

यह भी पढ़ें : रात भर इनके पास अस्पताल में रही प्रियंका गांधी, जल्द पहुंच सकते हैं सोनिया और राहुल- देखें वीडियाे

अब इन 10 बैंकों की जगह केवल चार राष्ट्रीयकृत बैंक हैं। जबकि पहले से मौजूद आठ अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों को मिलाकर देश में सरकारी बैंकों की संख्या केवल 12 रह गई है। जिसके चलते इन बैंकों में काम कर रहे सभी कर्मचारी सरकार के इस फैसले से बेहद नाराज दिखाई दे रहे हैं। उनका कहा है कि कर्मचारी बेरोजगारी की कगार पर आ जाएंगे।