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तस्करों ने काट डाले 4 नग बहुमूल्य बीजा पेड़, विभाग ने कर्मचारी और अधिकारियों को नहीं लगी भनक

Bhawna Chaudhary

Publish: Sep 05, 2019 22:00 PM | Updated: Sep 05, 2019 16:29 PM

Gariaband

वन परिक्षेत्र कार्यालय पाण्डुका के अंतर्गत दीवना बिट के कक्ष क्र 74 के सडक़ किनारे लगे 4 नग बहुमूल्य बीजा प्रजाति के पेड़ तस्करों ने काट डाले।

पाण्डुका. वन परिक्षेत्र कार्यालय पाण्डुका के अंतर्गत दीवना बिट के कक्ष क्र 74 के सडक़ किनारे लगे 4 नग बहुमूल्य बीजा प्रजाति के पेड़ तस्करों ने काट डाले। विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

पेड़ को कटे लगभग एक सप्ताह हो गया है न तो तस्करों को पकड़ पाए न ही कीमती लकड़ी को सडक़ किनारे कुछ बीजा जैसे पेड़ गिने चुने ही बचे है जो मार्ग की शोभा बढ़ाते थे। दो बड़े पेड़ अभी भी सडक़ किनारे कटे हुए पड़े हैं, जिन्हें वन विभाग ने अब तक अपनी कब्जे में नहीं लिया है। शायद विभाग इसे तस्करों के ले जाने के लिए छोड़ रखा है।

विभाग नए प्लांटेशन बनाने में लगा हआ है और वहीं जंगल के कीमती इमरती लकड़ी की सुरक्षा भगवान भरोसे है। वहीं यहां जीव-जन्तु, पशु-पक्षी की सुरक्षा पर हमेशा सावल खड़े होते रहा है। ऐसे में बिट गार्ड और चौकीदार की जंगल के प्रति सुरक्षा पर सवालिया निशान लगता है।

सडक़ किनारे काटे गए पेड़ों में दो को तस्कर चौरस बनाकर ले गए हैं, जहां पेड़ के तने के छिलके बिखरे पड़े हैं। सूत्रों से पता चला है कि पहाड़ी के ऊपर तस्करों द्वारा पगडंड्डी बनाी गई है, जिसमें साइकिल की मदद से कोपरा नदी उस पार आसपास नाव निर्माण, घरों व आरा मिल व कुछ बढ़ाई लोगों के पास तस्करी कर रातो रात पहुंचा दिया जाता है। इस वजह से जंगल दिनों ब दिन कटते जा रहे हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों का मुख्यालय में नहीं रहने का भरपूर फायदा लकड़ी तस्कर उठा रहे हैं।