स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

उदंती सीतानदी अभ्यारण्य से पकड़े गए थे शावक, पुलिस ने 6 आरोपियों को भेजा जेल

Akanksha Agrawal

Publish: Sep 17, 2019 09:27 AM | Updated: Sep 17, 2019 09:27 AM

Gariaband

तेंदुए के शावकों की तस्करी का खुलासा होने के बाद वन विभाग ने मैनपुर में छापा मारा और छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

मैनपुर/रायपुर. तेंदुए के शावकों की तस्करी का खुलासा होने के बाद वन विभाग ने मैनपुर में छापा मारा और छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वन विभाग की टीम ने रविवार को मुखबिर की सूचना पर उदंती अभ्यारण्य के गांवों में दबिश दी। वहां से तेंदुए के शावकों को निकालकर बेचने के आरोप में 6 लोगों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 27, 29, 31, 48 (क), 49, 51, 52 पीओआर नम्बर 14200/15 के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद सभी को सोमवार को जेल भेज दिया गया है। उल्लेखनीय है कि रायपुर के दो तस्कर शावकों को बेचने की फिराक में थे। उसी दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक आरएन सोरी ने मैनपुर में पत्रकारों को बताया कि मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि तस्करी कर ले जा रहे तेंदुए के शावकों को उदंती अभ्यारण्य के जंगल से बेचा गया है। इस पर उपनिदेशक राज विष्णु नायर के निर्देश पर सहायक संचालक आरएन सोरी, आरसी कन्हार वन परिक्षेत्र अधिकारी गोपाल राम कश्यप, रिसगांव वन परिक्षेत्र अधिकारी बीएस राजपूत, उदंती सीतानदी उत्तर परिक्षेत्र अधिकारी तुलाराम सिन्हा, दक्षिण परिक्षेत्र अधिकारी टीआर नरेटी व वन विभाग अमला ने रविवार सुबह 6 बजे ग्राम कुंभकोट अमाड़ में छापा मारा।

वहां घेराबंदी करके टंकधर पिता धरमसिंह गोंड (48), लक्ष्मीनारायण पिता चरणसिंह गोंड (35), कृष्णा पिता साधूराम भूजिया (51), तहसीलराम पिता अंकालूराम (19), बेलार पिता चरण सिंह (18) व झगरू पिता रघुवर रावत को पकड़ा गया फिरोज नहीं पकड़ा गया। आरोपियों में चार लोग मवेशियों को चराने का काम करते हैं। 13 अगस्त को उदंती अभ्यारण्य के जंगल पहाड़ी से तेंदुए के शावकों को पकडकऱ अपने घर कुभकोट में रख लिया था। इसके दो दिन बाद 15 अगस्त को मैनपुर निवासी फिरोज मेनन को 40 हजार रुपए में बेच दिया। इसके बाद फिरोज ने किसी और से सौदा कर लिया था। सौदा होने के बाद रायपुर से शाबिर और राहुल के माध्यम से रायपुर में बेचने की तैयारी थी। फिलहाल फिरोज फरार है।