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डेढ़ साल में ही खराब हो गई करोड़ों रुपए की लागत से बनी प्रधानमंत्री योजना की सड़क

Akanksha Agrawal

Publish: Jul 15, 2019 23:00 PM | Updated: Jul 15, 2019 16:03 PM

Gariaband

सडक़ की स्थिति इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि सडक़ पांच से छह जगह पर दबने लगी है। वहीं, सडक़ों में दरारें कई जगह पर दिखने लगी है।

देवभोग. डेढ़ साल पहले खुटगांव से लेकर धूपकोट तक बनाया गया पीएम सडक़ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। सडक़ की स्थिति इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि सडक़ पांच से छह जगह पर दबने लगी है। वहीं, सडक़ों में दरारें कई जगह पर दिखने लगी है।

मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि सडक़ बनाते समय गुणवत्ता का ठेकेदारों ने ध्यान नहीं रखा, वहीं अधिकारियों ने भी काम की गुणवत्ता जांचने के लिए समय नहीं निकाला। इसी के बदौलत सडक़ डेढ़ साल में ही गुणवत्ता की पोल खोल रही है। यहां बताना लाजमी होगा कि 495.62 लाख की लागत से खुटगांव से लेकर धूपकोट तक 9.5 किमी का सडक़ प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना की ओर से बनाई गई थी।

वहीं, सडक़ों में पड़ रही दरारों के साथ ही सडक़ दबने को लेकर अंचल के सत्याग्रही भी बहुत ज्यादा नाराज हो गए हैं। सत्याग्रहियों का साफ आरोप है कि गुणवत्ता को दरकिनार करते हुए सडक़ का निर्माण किया गया है, इसी के चलते ही समय से पहले सडक़ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। मामले में सत्याग्रहियों ने जांच करवाए जाने की मांग करते हुए लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही है।

पहली बारिश में ही खुल गई सडक़ की पोल: मामले में गांव के नंदकुमार बघेल, रोशन लाल के साथ ही अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि 4 करोड़ से भी ज्यादा की लागत से निर्माण हुआ सडक़ पहली बारिश भी झेल नहीं पाया। मामले में ग्रामीण बताते हैं कि ठेकेदार ने निर्माण के दौरान गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा। ग्रामीणों के मुताबिक सडक़ निर्माण के दौरान डब्लूबीएम करते समय ठेकेदार ने ठीक तरह से रोलर भी नहीं चलाया।

सरकार से उम्मीद, भ्रष्टाचार की कराएंगे जांच
मामले में आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री जनक धु्रव ने कहा कि जनता के लिए बनाए गए सडक़ में यदि इस तरह का भ्रष्टाचार का खेल खेला गया है, तो इसकी जांच निश्चित तौर पर करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले में विभागीय मंत्री से मुलाकात कर सडक़ के विषय में उन्हें अवगत करवाते हुए जांच किए जाने के लिए उनसे आग्रह करूंगा। ध्रुव ने कहा कि 4 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि से तैयार हुआ सडक़ आखिर डेढ़ साल में ही दम कैसे तोड़ रहा है, यह भी जांच का पहलू है। मामले में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी, निश्चित तौर पर मामले की जांच करवाने के लिए जल्द ही उचित कदम उठाया जाएगा।

पीएमजीएसवाई इंजीनियर सौरभ दास ने बताया कि मैं जाकर सडक़ को देखूंगा। अगर इस तरह की स्थिति है, तो तत्काल सडक़ की स्थिति में सुधार किया जाएगा।

 

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