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पांच महीने से शौचालय में रहने को मजबूर है बुजुर्ग महिला, जानिए क्या है वजह

Bhawna Chaudhary

Publish: Jul 27, 2019 16:03 PM | Updated: Jul 27, 2019 16:03 PM

Gariaband

छत्तीसगढ़ में 80 साल की एक बुजुर्ग महिला पिछले पांच माह से स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat mission) के तहत बनाए गए शौचालय में रहने को मजबूर है

पाण्डुका. छत्तीसगढ़ में 80 साल की एक बुजुर्ग महिला पिछले पांच माह से स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat mission) के तहत बनाए गए शौचालय में रहने को मजबूर है। गरियाबंद जिला मुख्यालय से महज 15 किमी की दूरी पर मुख्य मार्ग रायपुर देवभोग मार्ग पर बारूका ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम टोइयामुड़ा का है, जहाँ पिछले पांच माह से एक असहाय महिला चैती बाई कमार शौचालय में रह रही है।

वृद्धा विशेष पिछड़ी जनजाति कमार भुजिया जाति की है। चैती बाई कमार को पड़ोस में रहने वाली महिला शाम को खाना दे देती है तो खा लेती है। हालांकि पंचायत द्वारा पेंशन, राशन, पीएम आवास मिला है, जो किसी काम का नहीं है। इसका उपभोग तो दूर के रिश्तेदार कोई देवर या नाती है कर रहे हैं। बारिश में सांप बिच्छू के खतरों के बीच ही जीवन यापन को मजबूर है वृद्धा।

ग्राम पंचायत के द्वारा पुराने घर से दूर में पीएम आवास योजना का मकान बनाया गया है। सरपंच भी इसी गाँव का है जिसे इसकी जानकारी भी नहीं है। शारीरिक रूप से कमजोर वृद्ध महिला ठीक से बोल भी नहीं पाती और जीवन के अंतिम पड़ाव से गुजर रही है। जिले में कमार विकास प्राधिकरण का कार्यालय भी जिससे इन जनजाति की भलाई और विकास में विभिन्न योजनाएं संचालित हो रही है पर कितना लाभ योजना का मिल रहा है, वो समझा जा सकता है।

वहीं, इस बारे में सचिव ग्राम पंचायत बारूका रसूल खान का कहना है कि मुझे कल ही जानकारी प्राप्त हुई है जाकर देखता हूं। सरपंच प्रतिनिधि बारूका सोहन लाल ने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, पता लगवाता हूं। वहीं, इस बारे में कमार समाज के अध्यक्ष सरजू राम का कहना है कि मुझे आपसे ये जानकारी प्राप्त हो रही है। ऐसी कोई खबर मुझे नहीं पता चली है।