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बैल ढूंढने गया था जंगल, मिल गया आदमखोर भालू, दोनों हुई खूनी लड़ाई, फिर 3 दिन बाद..

Chandu Nirmalkar

Publish: Aug 01, 2019 20:58 PM | Updated: Aug 01, 2019 21:11 PM

Gariaband

Bear Attack in mainpur forest: इस बीच जंगल (Chhattisgarh forest) में उसका सामना आदमखोर भालू से हो गया..

गरियाबंद/मैनपुर. छत्तीसगढ़ के वन परिक्षेत्र (Bear Attack in mainpur fores) कुल्हाड़ीघाट के पहाड़ी के जंगल में एक शख्स और आदमखोर भालू (Bear Attack) के बीच खूनी लड़ाई हो गई। इस हमले में युवक की जीत हुई है, लेकिन भालू ने उसके शरीर पर जानलेवा जख्म देकर उसे घायल कर दिया। अस्पताल पहुंचने पर उसका उपचार शुरू हुआ। आपको बता दें कि घायल युवक जहां रहता वो पूरा इलाका जंगलों (Chhattisgarh forest) से घिरा हुआ है। वहीं, लगातार बारिश के चलते नदी-नालों में बाढ़ के कारण उसे गुरुवार को इलाज के लिए मैनपुर अस्पताल ले जाया गया।

 

Chhattisgarh Bear Attack

बैल ढूंढने निकला था शख्स और जंगल में...
मिली जानकारी के अनुसार मैनपुर से लगभग 38 किमी. दूर दुर्गम पहाडिय़ों के उपर बसे ग्राम आमामोरा कुकराल निवासी सुबलसिंग (25) पिता घांसीराम भुंजिया गांव के समीप ही शाम 4 बजे के आसपास अपने बैल को ढूंढने जंगल गया था। इस बीच जंगल में उसका सामना आदमखोर भालू से हो गया। सुबलसिंग ने जान बचाने की कोशिश की लेकिन भालू ने उस पर झपट्टा मार दिया।

अचानक हमला कर युवक के हाथ को बुरी तरह नोच डाला। युवक ने हिम्मत नहीं हारी और चालाकी से भालू को चखमा देकर अपनी जान बचा ली। हालांकि हमले में उसका एक हाथ बुरी तरह से घायल हो गया। सुबलसिंग ने बताया कि चिल्लाने पर भालू घने जंगल की तरफ भाग गया।

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Chhattisgarh Bear Attack

तीन दिन बाद पहुंचा अस्पताल
जानकारी के अनुसार घायल सुबलसिंग तीन दिन बाद इलाज कराने अस्पताल पहुंचा। उसे वन विभाग के कर्मचारियों व ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मैनपुर पहुंचाया। वन परिक्षेत्र अधिकारी कुल्हाड़ीघाट आरएल पटेल ने तत्काल एक हजार की सहयोग राशि प्रदान की। उसने बताया कि लगातार हो रही बारिश की वजह से नदी-नाले उफान पर चल रहे थे। जिसकी वहज से वह अस्पताल नहीं पहुंच पाया था।