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पिछले 6 महीने में किडनी की रहस्यमयी बीमारी से हो चुकी है 19 मरीजों की मौत

Akanksha Agrawal

Publish: Oct 01, 2019 09:19 AM | Updated: Oct 01, 2019 09:19 AM

Gariaband

पिछले छह महीने में गरियाबंद जिले के 707 मरीज किडनी की बीमारी के इलाज के लिए भर्ती हुए थे। उनमें से 19 की मौत हो चुकी है।

देवभोग. किडनी की रहस्यमयी बीमारी का जाल पूरे गरियाबंद जिले में फैलता दिख रहा है। राजधानी के डीकेएस सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक पिछले छह महीने में गरियाबंद जिले के 707 मरीज किडनी की बीमारी के इलाज के लिए भर्ती हुए थे। उनमें से 19 की मौत हो चुकी है। डीकेएस में इलाज के लिए आए मरीजों में से देवभोग के 53 मरीजों में से 4 की मौत हो चुकी है। वहीं इस रहस्यमयी बीमारी की वजह से सुर्खियों में आए सुपेबेड़ा गांव से यहां इलाज करा रहे 9 मरीजों में से 2 की मौत हो गई।

डीकेएस अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ हेमंत शर्मा ने बताया, भर्ती मरीजों के यह आंकड़े एक अप्रैल से अब तक के हैं। डॉक्टर केवल एक जिले से एक अस्पताल में किडनी के रोग से प्रभावित मरीजों की इस संख्या को असामान्य बता रहे हैं। अनुमान लगाया जा सकता है कि राजधानी के एक अस्पताल में जिले के इतने मरीज आए हैं। तो निजी अस्पतालों में कितने लोग गए होंगे।

गरियाबंद के एक निजी अस्पताल के संचालक ने बताया, उनके अस्पताल में किडनी की बीमारी से गंभीर एक-दो मरीज रोजाना आ जाते हैं। सुपेबेड़ा गांव के महेन्द्र सोनवानी का कहना है कि गांव के अधिकतर लोग इलाज के लिए ओडिशा अथवा विशाखापट्टनम के अस्पतालों का रूख करते हैं। उन्हें सरकार के इलाज पर अभी भी भरोसा नहीं हो पा रहा है। महेंद्र के पिता विशाल की दो वर्ष पहले ही किडनी की बीमारी से मौत हो चुकी है। उनके इलाज के लिए सोनवानी परिवार की पुस्तैनी जमींन के साथ पिता द्वारा खरीदा गया 13 एकड़ का खेत भी बिक चुका है। बीमारी का खौफ इस परिवार पर अब भी हावी है।

बिंद्रानवागढ़ विधायक डमरूधर पुजारी ने बताया कि राज्य शासन इस बात को लेकर गंभीर नहीं है। इसी का परिणाम है कि लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस की सरकार ने सुपेबेड़ावासियों से जो वादे किए थे, वह सिर्फ वादे बनकर रह गए हैं। आज भी ग्रामीणों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस की सरकार ग्रामीणों का भरोसा नहीं जीत पाई है, इसी का परिणाम है कि कोई भी ग्रामीण रायपुर जाकर इलाज नहीं करवाना चाहता। मैं इस मामले में विधानसभा में सवाल उठाऊंगा।

मुख्यमंत्री ने डीकेएस से मांगा ब्योरा
सुपेबेड़ा में एक और मौत पर प्रकाशित खबर को देखने के बाद मुख्यमंत्री ने डीकेएस सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल से मरीजों के इलाज का पूरा ब्योरा तलब किया है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन मरीजों से जुड़ी एक-एक जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।

स्वास्थ्य मंत्री और सचिव से बात होगी
जगदलपुर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, मामला उनकी जानकारी में हैं। इस मामले पर जल्दी ही स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव के साथ चर्चा की जाएगी।