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सिखों पर पुलिस फायरिंग मामले में गिरफ्तार आईजी परमराज सिंह उमरानांगल को चार दिन का पुलिस रिमांड

Prateek Saini

Publish: Feb 19, 2019 20:23 PM | Updated: Feb 19, 2019 20:23 PM

Faridkot

गुरूग्रंथ साहिब की बेअदबी के विरोध में प्रदर्शन करते सिखों पर की गई थी पुलिस फायरिंग...

 

(चंडीगढ,फरीदकोट): पंजाब की राजनीति में तूफान लाने वाली सिखों पर कोटकपुरा और बेहबल कलां में की गई पुलिस फायरिंग मामले में गिरफ्तार किए गए आईजी परमराज सिंह उमरांनांगल को मंगलवार को फरीदकोट की जिला अदालत ने चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा इस फायरिंग और गुरूग्रंथ साहिब के अपमान की घटनाओं की जांच के लिए गठित रणजीत सिंह कमीशन की सिफारिशों के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ने जांच के बाद मोगा के पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा को गिरफ्तार किया था। चरणजीत सिंह से पूछताछ के आधार पर आईजी उमरांनांगल को गिरफ्तार किया गया।

 

एसआईटी सदस्य कुंवर विजय प्रताप ने बताया कि उमरांनांगल के खिलाफ सबूत मिले है। एक वीडियो में 14 अक्टूबर 2015 को उमरांनांगल लुधियाना के पुलिस आयुक्त पद पर नियुक्त होने के बावजूद कोटकपुरा के फायरिंग स्थल पर दिखाई दिए है। पूछताछ में उन्होंने दलील दी कि वे पूछताछ के लिए कोटकपुरा गए थे। उमरांनांगल को सोमवार को गिरफ्तार करने के बाद उसी दिन देर शाम फरीदकोट भेज दिया गया था। फरीदकोट के सिविल अस्पताल में उमरांनांगल की मेडिकल जांच भी कराई गई थी। वर्ष 2015 में सिखों पर पुलिस फायरिंग के समय पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार थी।


यह कहती है रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट...

रणजीत सिंह कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि फायरिंग के समय पुलिस महानिदेशक तत्कालीन मुख्यमंत्री के सम्पर्क में थे। समझा जा रहा है कि एसआईटी इस मामले में तत्कालीन पुलिस महानिदेशक और राजनीतिक नेतृत्व को भी कार्रवाई के दायरे में ला सकती है।