स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

हरियाणा: कांग्रेस ने इन सीटों पर उतारे उम्मीदवार, कुमारी सैलजा, अशोक तंवर व दीपेंद्र हुड्डा के साथ ही इन पर जताया भरोसा

Prateek Saini

Publish: Apr 13, 2019 21:00 PM | Updated: Apr 13, 2019 21:04 PM

Faridabad

मुकाबला रोचक बनता नजर आ रहा है...

( फरीदाबाद):कांग्रेस की ओर से आज 18 उम्मीदवारों की सूची जारी की गई। इसमें हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तप्रदेश के प्रत्याशियों के नाम शामिल है। पार्टी की ओर से हरियाणा की 10 में से छह सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की गई।

 

पार्टी की ओर से अंबाला सीट से कुमारी सैलजा को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं सिरसा सीट से पार्टी ने पूर्व सांसद अशोक तंवर पर भरोसा जताया है। अशोक तंवर सिरसा से 2009 में सांसद चुने गए थे। तंवर ने इस चुनाव में हरियाणा की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी इंडियन नेशनल लोक दल के [आई एन एल डी] के उम्मीदवार डॉ॰सीता राम को मात्र 35,499 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। भाजपा इस सीट पर उपना उम्मीदवार पहले ही घोषित कर चुकी है। बीजेपी ने सुनीता दुग्गल को यहां से उतारा है।


रोहतक से पार्टी ने एक बार फिर दिपेंद्र सिंह हुड्डा को मैदान में उतारा है। रोहतक को कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है। इस सीट से हुड्डा स्वयं चार बार सांसद रह चुके है। उन्होंने पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल तक को यहां शिकस्त दी है। 2005 में पार्टी ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा पर भरोसा जताया। दीपेंद्र तभी से इस सीट पर जीतते आ रहे है। खास बात यह है कि 2014 में मोदी लहर के बावजूद दीपेंद्र ने भाजपा नेता ओम प्रकाश धनखड को 1.7 लाख से अधिक वोटों से पटखनी देते हुए अपनी जीत दर्ज की थी। प्रकाश धनखड मौजूदा हरियाणा सरकार में मंत्री है। बीजेपी हुड्डा परिवार के इस गढ़ को ध्वस्त करने के लिए सोच समझकर इस सीट पर प्रत्याशी घोषित करने वाली है।


भिवानी—महेंद्रगढ सीट पर पूर्व सांसद श्रुति चौधरी को लेकर चल रही अटकलें सच साबित हुई। पार्टी ने श्रुति को यहां से मैदान में उतारा है। श्रुति एक राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आती है। श्रुति चौधरी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल की पोती है। वहीं उनकी मां श्रीमती किरण चौधरी हरियाणा में कांग्रेस विधायक दल की नेता है। श्रुति 2009 में इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीतकर संसद पहुंची थी। उन्होंने इनेलो के अजय सिंह चौटाला को भारी मतों से हार का स्वाद चखाया था। इनका मुख्य मुकाबाल भाजपा के उम्मीदवार और इस सीट से निवर्तमान सांसद धर्मवीर सिंह से है। खास बात यह है कि सिंह और श्रुति 2014 के लोकसभा चुनाव में भी एक—दूसरे के सामने खडे हुए थे। मतदाताओं ने जीत धर्मवीर सिंह की झोली में डाल दी। सीट पर पुराने प्रतिद्धंदी एक बार फिर आमने—सामने भाग्य आजमा रहे हैं ऐसे में मुकाबला रोचक होने वाला है।


गुरूग्राम सीट से पार्टी ने अपने सीनियर लीडर व पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव पर भरोसा जताया है। बीजेपी की तरफ से निवर्तमान सांसद व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह दोबारा यहीं से चुनाव लड़ रहे है। फरीदाबाद सीट से प्रत्याशी की घोषणा कर पार्टी ने सभी को चौंका दिया है। इस सीट से टिकट की दावेदारी कर रहे लोगों में मौजूदा पलवल विधायक करण दलाल और पूर्व सांसद अवतार सिंह भडाना सबसे आगे चल रहे थे। दोनों के बीच से निकल कर ललित नागर टिकट पाने में कामयाब रहे। फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र पर भाजपा ने निर्वतमान सांसद एवं मंत्री कृष्णपाल गुर्जर पर भरोसा जताया है। उक्त दोनों ही सीटों पर दो केंद्रीय मंत्रियों से कांग्रेस उम्मीदवारों को लोहा लेना है। ऐसे में मुकाबला रोचक बनता नजर आ रहा है।