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Exclusive : अयोध्या में भगवान राम ही नहीं मृत्यु के देवता यमराज की भी होती है पूजा

Anoop Kumar

Publish: Nov 09, 2018 17:20 PM | Updated: Nov 09, 2018 17:20 PM

Faizabad

प्रतिवर्ष यम द्वितीया तिथि पर यमराज महाराज की तपोस्थली पर लगता है मेला होती है पूजा

 

फैजाबाद : यमराज का नाम जुबान पर आते ही एक मन में एक भय उत्पन्न हो जाता ,यमराज को मृत्यु का देवता मानकर उनकी पूजा आराधना और उनका स्मरण कोई नहीं करना चाहता लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी में जहां आम दिनों में रोज़ भगवान की पूजा रोज होती है | लेकिन साल में एक दिन ऐसा भी आता है जब मृत्यु के प्रतीक यमराज का भी स्मरण किया जाता है और उनकी की भी पूजा होती है। काल के देवता माने जाने वाले यमराज की पूजा दीपावली के तीसरे दिन यमद्वितीया को सरयू घाट के यमथरा घाट पर होती है।यंहा पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर महाराज यमराज की तपोस्थली पर पूजा अर्चन कर खुद को भयमुक्त करने की कामना करते है।

प्रतिवर्ष यम द्वितीया तिथि पर यमराज महाराज की तपोस्थली पर लगता है मेला होती है पूजा अर्चना

अयोध्या में प्राचीन मान्यताओं को संजोए हुए सरयू तट पर स्थित यमराज की तपोस्थली माने जाने वाले यमथरा घाट पर कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया के अवसर पर परंपरागत ढंग से यम द्वितीया का मेला लगता है और वहां पर महाराज यमराज की पूजा होती है। श्रद्धालु राखी मिश्रा,श्रद्धालु रुचि पांडे,श्रद्धालु शिवानी साहू,ने बताया कि वह प्रतिवर्ष सुबह से ही सरयू में स्नान कर अपने और अपने परिवार की दीर्घायु होने की कामना लेकर यमराज की पूजा अर्चना करते हैं।विशेषकर यम द्वितीया को बहने व्रत रखकर अपने भाई के कल्याण और दीर्घायु होने की भी कामना लेकर यमथरा घाट पर स्नान और यमराज की पूजा अर्चना करती है। मंदिर के पुजारी अवध किशोर शरण ने बताया कि प्राचीन मान्यताओं के अनुसार यमराज ने इस तपोस्थली को अयोध्या माता से प्राप्त किया था और मान्यता है कि यमराज महाराज की पूजा-अर्चना करने वालों को यमराज से भय नहीं लगता और इन्हीं कामनाओ को लेकर यमथरा घाट पर महाराज यमराज की पूजा अर्चना होती है।