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पीएम मोदी की कौशल विकास योजना में फैजाबाद में बड़ा फर्जीवाड़ा

Anoop Kumar

Publish: Nov 12, 2018 11:23 AM | Updated: Nov 12, 2018 11:23 AM

Faizabad

छात्रों ने नहीं लिया एडमिशन फिर भी खुल गया बैंक में खाता निकाल ली गयी छात्रवृत्ति

फैजाबाद : एक तरफ देश के प्रधानमंत्री विभिन्न योजनाओं के जरिये देश के ज़रूरतमंद नागरिकों को सुविधाएं देने के लिए तमाम तोज्नाएं चला रहे हैं | वहीँ फैजाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं के नाम पर ठगी की बड़ी घटना सामने आई है | फैजाबाद में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना पर काला धब्बा लगा है। एक कौशल विकास केंद्र पर फर्जीवाड़े का आरोप लग गया है यह आरोप आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सभाजीत सिंह ने लगाया है। इस मामले को लेकर उन्होंने पीड़ित छात्र छात्राओं को सामने लाकर इस पूरे मामले का खुलासा किया है |

छात्रों ने नहीं लिया एडमिशन फिर भी खुल गया बैंक में खाता निकाल ली गयी छात्रवृत्ति

आप के प्रदेश प्रवक्ता सभाजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि शहर के देवकाली स्थित कौशल विकास केंद्र सनशाइन इंस्टीट्यूट ने छात्र-छात्राओं का प्रवेश लिया लेकिन इनमें कई छात्र-छात्राओं को परीक्षा नहीं दिलाई गयी | जिससे कई छात्र-छात्राएं प्रमाणपत्र से वंचित रह गयी। यही नहीं जब इस कौशल विकास केंद्र से जुड़ी हुई छात्र-छात्राओं ने अन्य महाविद्यालय में बीएड में प्रवेश लिया और उसके बाद जब छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया तो मालूम पड़ा कि इन छात्र-छात्राओं का बाराबंकी के टिकैतनगर के जे बी एस महाविद्यालय में बीबीए में प्रवेश हो चुका है | जबकि इन छात्र-छात्राओं ने बाराबंकी के टिकैत नगर के जे बी एस महाविद्यालय में प्रवेश लिया ही नहीं।

आप के प्रदेश प्रवक्ता ने पीड़ित छात्र छात्राओं को सामने लाकर मीडिया के सामने पेश किया पूरा मामला

यही नहीं इस महाविद्यालय के प्रवेश के आधार पर टिकैतनगर के बैंक ऑफ इंडिया में छात्र-छात्राओं का फर्जी खाता भी खुल गया और इस खाते में आई छात्रवृत्ति को भी निकाल भी लिया गया।जबकि ये छात्र छात्राएं बैंक ऑफ इंडिया में खाता खोलने गए ही नहीं। फैजाबाद के कौशल विकास केंद्र के सनशाइन इंस्टीट्यूट पर छात्र-छात्राओं के डाक्यूमेंट्स को लीक करने का आरोप लगा है। सबसे बड़ा सवाल है कि अगर यह छात्र छात्राओं ने बाराबंकी के महाविद्यालय में प्रवेश लिया ही नहीं तो फिर प्रवेश कैसे हुआ। जब बैंक ऑफ इंडिया में खाता खुलवाया ही नहीं तो खाता कैसे खुल गया। प्रवेश के आधार पर खाते में छात्रवृत्ति भी आ गई और फर्जीवाड़े के तहत छात्रवृत्ति को निकाल भी लिया गया अब यह पीड़ित बच्चे इधर उधर ठोकरें खा रहे हैं।