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JEE Advanced 2019: ऐसा होगा एग्जाम पैटर्न, पास होने के लिए ऐसे करें तैयारी

Sunil Sharma

Publish: May 25, 2019 17:14 PM | Updated: May 25, 2019 17:14 PM

Exam

JEE (Advanced) 2019 परीक्षा का पैटर्न कैसा रहेगा और किस तरह परीक्षा की तैयारी करें

इस बार होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (उच्च) [JEE (Advanced) 2019] परीक्षा का आयोजन आईआईटी रुड़की द्वारा किया जा रहा है। परीक्षा 27 मई 2019 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के आधार पर ही छात्रों को भारत के समस्त IIT संस्थानों में इंजीनियरिंग, साइंस तथा आर्किटेक्चर के ग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन दिया जाएगा। आइए जानते हैं कि इस बार परीक्षा का पैटर्न कैसा रहेगा और किस तरह परीक्षा की तैयारी करें ताकि परीक्षा में अच्छे मार्क्स आ सके और आसानी से छात्र का सलेक्शन हो सके।

परीक्षा केन्द्र एवं परीक्षा पैटर्न
संयुक्त प्रवेश परीक्षा (उच्च) 2019 भारत तथा विदेश के कुछ चुने गए शहरों में 27 मई, 2019 (सोमवार) को दो पारियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा में दो प्रश्न-पत्र होंगे। पहली पारी सुबह 9.00 बजे से 12.00 बजे तक में पहला पेपर का एग्जाम होगा, जबकि दूसरी पारी में दोपहर 2.00 बजे से 5.00 बजे तक दूसरे पेपर की परीक्षा ली जाएगी। दोनों ही प्रश्न-पत्र देना अनिवार्य हैं।

प्रत्येक प्रश्न-पत्र 3 घंटे की अवधि का होगा तथा उसमें भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं गणित विषय के प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा कम्प्यूटर आधारित CBT प्रणाली से ली जाएगी। प्रश्न-पत्र अंग्रेजी तथा हिंदी भाषा में होंगे, अभ्यर्थी अपनी सुविधा के अनुसार दोनों में से कोई भी भाषा चुन सकते हैं।

ऐसे करें तैयारी तथा रिवीजन
पढ़ाई के दौरान पढ़े हुए टॉपिक्स का रिवीजन सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। नियमित रूप से पढ़ाई करें। कैसे पढ़ाई करनी है। इसके लिए भी समय निर्धारित होना चाहिए। कोशिश करें कि नियमित पढ़ाई के दौरान जो नोट्स आपने तैयार किए हैं, उन्हें काम में लें। उससे रिवीजन जल्दी हो सकता है। विषय विशेष के सालभर में तैयार किए गए मुख्य बिन्दुओं को दोहराएं। सालभर जो गंभीरता से पढ़ा गया है, वो चयन के लिए पर्याप्त है अतः अपने को मानसिक रूप से मजबूत रखें। बॉयोलोजी में कई टॉपिक्स चित्रों से बहुत अच्छी तरह क्लीयर हो जाते हैं। उनका रिवीजन करते समय चित्रों की मदद जरूर लें और चित्रों को याद रखने की कोशिश करें। फिजिक्स बॉयोलोजी के स्टूडेंट्स के लिए चैलेंजिंग होती है। इस स्थित में टीचर्स द्वारा बनाए गए नोट्स का जरूर अध्ययन करें। अत्यधिक पढ़ाई से बचें, कोशिश करें कि अपनी रेगुलर दिनचर्या के अनुरूप पढ़ाई करें, क्योंकि यदि ज्यादा समय पढ़ाई को दिया तो स्वास्थ्य की दृष्टि से परेशानी हो सकती है। बेहतर स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।

तनाव से बचें
छोटा लक्ष्य बनाए, फिर उसका पीछा करे, ऐसे चलेंगे तो कोई भी बड़ा लक्ष्य शीघ्र ही हासिल हो जाएगा। धैर्य तथा संयम से हम हर परिस्थिति में स्वयं को बेहतर सिद्ध कर सकते हैं। पढ़ाई हो या प्रश्नपत्र, लिखे हुए को समझने की कोशिश करें। पहले ठीक से पढ़ें तथा फिर समझें। कुछ समझ में आ रहा है या नहीं आ रहा है, इस पर विचलित नहीं हों। शांतचित्त दिमाग मुस्कुराहट की कुंजी होती है और यही मुस्कुराहट, अंततः सफलता की कुंजी बनती है। हमेशा मुस्कुराते रहें। परीक्षा के कुछ दिनों पहले अब नया टॉपिक शुरू नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि अब सिर्फ पुराना पढ़ा हुआ ही दोहराना है, नया शुरू करने की स्थिति में आप असमंजस में आ सकते हैं।

दिमाग को शांत रखें
कट-ऑफ क्या होगा, इस गणित में अपना समय नष्ट न करें। अनावश्यक आंकलन तनाव उत्पन्न करता है और तनाव में कोई काम सही नहीं हो सकता है। परीक्षा से पहले की रात कम से कम 6-7 घंटे की नींद लें क्योंकि मीठी नींद स्वस्थ दिमाग के लिए जरूरी है। यह समय पढ़ाई से भी अधिक मानसिक संतुलन बनाए रखने का होता है, अतः अपने को मानसिक रूप से पूर्ण स्वस्थ रखिए और विशेष रूप से परीक्षा के दिन अपनी गलतियों को अवश्य दोहरा कर और मनन करके जाएं। डर को अपने ऊपर हावी नहीं होने दें, अपनी तैयारी के विश्वास पर निडर होकर जाइए। अभिभावक विद्यार्थियों को उत्साहित करें, उनका मनोबल बढाएं, उनको अच्छा प्रफुल्लित वातावरण दें तथा उन पर विश्वास रखें। परीक्षा के दिन भोजन सीमित मात्रा में ही खाएं, गर्मी का ध्यान रखते हुए ज्यूस पीयें, खूब पानी पीएं। ऋतु फल खाएं।

धैर्यपूर्वक पढ़े प्रश्नपत्र को
प्रश्नपत्र हल करते समय विषय के फर्स्ट राउण्ड में स्टेटिक मेमोरी तथा नॉलेज पर आधारित सरल प्रश्नों को पहले धैर्यपूर्वक पढ़ लेना चाहिए। यदि इन सरल प्रश्नों में धैर्य खोया तो सब खो देंगे। अतः आप भी अपने पेपर में प्रथम चरण में सरल प्रश्नों को हल कर लें, जिससे आपका आत्म विश्वास प्रबल होगा और आप द्वितीय चरण में अपने सतर्क तथा सक्रिय दिमाग से कठिन प्रश्न भी आसानी से हल कर पाएंगे। यदि सैकण्ड राउण्ड में किसी प्रश्न पर अभी भी कन्फ्यूजन है तो छोड़ दें। इससे टाइम मैनेजमेंट परफेक्ट होगा। जो आपको आता है वो आपसे छूटेगा नहीं। इस तरह पढ़ाई कर आप अधिकतम अंक प्राप्त कर सकेंगे।