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नागरिकता संसोधन बिल पर शिवपाल ने मुसलमानों को लेकर दिया सबसे चौंका देने वाला बयान

Ruchi Sharma

Publish: Dec 12, 2019 13:42 PM | Updated: Dec 12, 2019 13:42 PM

Etawah

नागरिकता संसोधन बिल पर शिवपाल ने मुसलमानों को लेकर दिया सबसे चौंका देने वाला बयान

इटावा. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का कहना है कि नागरिकता संशोधन बिल के परिणाम देश के लिए अच्छे नहीं होंगे। उनकी पार्टी इस बिल का पूरी तरह से विरोध करती है। इटावा जिला सहकारी बैंक के 70 वी अधिवेशन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शिवपाल ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत में जिसका शोषण हुआ है तो उसके साथ सभी लोग खड़े रहे है। जब सभी वर्ग को सुविधाएं दी जा रही है तो फिर मुसलमानों को क्यों छोड़ा जा रहा है।

शिवपाल ने कहा कि भारत धर्मनिरपेक्ष देश है। इस देश में नागरिकता संशोधन बिल की कोई आवश्यकता नहीं थी। इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे क्योंकि पूरे देश में इस बिल का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा का जो भी ऐजेन्डा है उसमें आर्टिकल 14 का सीधा उल्लंघन किया जा रहा है। जिस प्रकार ईस्ट इंडिया कंपनी ने देश को गुलाम बनाया था आज फिर से बार देश गुलामी की ओर बढ़ रहा है। पूरे देश में आर्थिक मंदी है। नोटबंदी व जीएसटी के बाद से लोग परेशान है। अगर यही स्थिति रही तो कर्मचारियों वेतन तक के लाले पड़ जाएंगे।


एक सवाल के जबाव में शिवपाल ने कहा कि भाजपा आरएसएस के ऐजेन्डे पर काम कर रही है जो कि पूरी तरह से गलत है। इटावा डिस्ट्रिक्ट को-आपरेटिव बैंक का 70वां वार्षिक अधिवेशन बुधवार को बैंक के प्रधान कार्यालय पर आयोजित हुआ। बैंक के सभापति शिवपाल सिंह यादव ने दीप जलाकर अधिवेशन का शुभारंभ किया। वर्ष 2020-21 के लिए जहां बजट स्वीकृत किया गया। वहीं अन्य कई मुद्दों पर भी चर्चा की गई। 601.87 लाख रुपए का अनुपूरक बजट पास हुआ। इस बार बैंक को 177.15 लाख का लाभ हुआ है।


अधिवेशन में सभापति शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वर्ष 1964 में सहकारिता आंदोलन की शुरूआत हुई थी। जिन उद्देश्यों के लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था कि जनता के लोग आंदोलन को चलाएंगे लेकिन जब से सहकारिता का सरकारीकरण हुआ है इससे आंदोलन को एक बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता जीवन की समस्त समस्याओं की पूंजी है। इसमें दलगत भावना से ऊपर उठकर काम करना चाहिए तभी यह सफल होगा।

उन्होंने कहा कि जिन उद्देश्यों के लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था कि किसानों को खाद्य, बीज, व कीटनाशक लेने में परेशानी न हो लेकिन आज किसान सबसे ज्यादा परेशान है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल की 25 सहकारी बैंक है बंद हो रही थी जिसमें 16 बैंकों का आरबीआई से लाइसेंस जब्त हो गया था लेकिन उन्होंने अपनी सरकार में इन सभी को चालू कराया। इतना ही नहीं प्रदेश में जो ढाई हजार से अधिक समितियां बंद पड़ी थी उन्हें भी चालू कराया गया था।

उन्होंने कहा कि समितियों की देखरेख की जिम्मेदारी सचिव के अलावा मैनेजर व अन्य लोगों की भी है। इनकी ओर सभी को ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में प्रबंध निदेशक को सभी अधिकार दे दिए गए है। ऐसे में अब बोर्ड ट्रांसफर, पोस्ंिटग के अलावा अन्य कोई कार्य नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार में किसान सबसे ज्यादा परेशान है। पूर्व मंत्री केपी सिंह चौहान ने कहा कि आज देश में 1947 से पहले ही स्थिति होने जा रही है। क्यों कि देश गुलामी की ओर बढ़ रहा है। देश में किसी दल की नहीं सिर्फ दो लोगों की सरकार चल रही है।

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