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शिवपाल ने कही बड़ी बात, इस जगह से मेरा प्रेमी-प्रेमिका जैसा रिश्ता, बयान सुनकर सभी रह गए हैरान

Ruchi Sharma

Publish: Oct 21, 2019 12:16 PM | Updated: Oct 21, 2019 12:24 PM

Etawah

तुम अगर मुझको ना चाहो तो कोई बात नहीं, तुम किसी गैर को चाहोगे तो मुश्किल होगी

इटावा. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (प्रसपा) अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने फिल्मी नगमे की तर्ज पर समाजवादियों पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि तुम अगर मुझको ना चाहो तो कोई बात नहीं, तुम किसी गैर को चाहोगे तो मुश्किल होगी।' अखिलेश यादव ने देर रात अपने निर्वाचन क्षेत्र जसवंतनगर के रामलीला मैदान में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए परोक्ष रूप से उन समाजवादियों को आडे हाथों लिया,जो कथित रूप से विधानसभा चुनाव में उन्हें पराजित करने की साजिशों में जुटे थे।

उन्होंने दावा किया है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में उनको पराजित करने की दिशा में बड़े स्तर पर सक्रिय रहे लेकिन जनता ने उन्हे सिर माथे लगा कर फिर से जीत का सेहरा बांधा। शिवपाल सिंह यादव ने जनता का आभार जताते हुए कहा कि यहां के लोगों ने हमारे परिवार को बहुत ऊंचाइयों पर पहुंचाया। हमारे भाई नेता जी मुलायम सिंह यादव सात बार विधायक चार दफा संसद पहुंचे। ये सब नेता जी का क्षेत्र की जनता से जुडाव व उनकी लगन का सम्मान हैं । वर्ष 1996 से मुझे यहां की जनता ने लगातार 4 बार विधायक बनाया और वर्तमान में भी हूं। ये सब भी आप सभी का प्यार व जनता से जुडाव से सम्मान का नतीजा हैं।

उन्होंने कहा कि आप लोगों ने मेरा विषम परिस्थितियों में जी तोड़ साथ दिया, जब हम समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्ह से चुनाव लड़ रहे थे । मेरे अपने ही मुझे नीचा दिखाने की भरपूर कोशिशों में रात-दिन जुटे थे और आपने मुझे 50 हजार से ज्यादा मतों से जीत दिलाकर सम्मान देने का काम किया और मेरे विरोधियों के मंसूबों पर पानी फेरा।

उन्होंने कहा जसवंतनगर क्षेत्र की जनता मेरे दुखदर्द में शामिल हैं। मेरा मन जसवंतनगर की ओर रहता है। मैं बुलाये, बिन बुलाए यहां आता रहता हूं । लोग कहते होंगे शिवपाल जसवंतनगर में ज्यादा आते है। यहां की जनता से हमारा रिश्ता प्रेमी-प्रेमिका जैसा है। आप लोग मेरे अपने हैं, नेताजी और मैं कभी नही भूलूंगा। शिवपाल सिंह यह कहने से भी नहीं चूके कि अपनों का आदर करने से उन्नति मिलती हैं। घमण्ड करने से हार होती हैं। अगर कोई धोखाधड़ी करे, तो आप लोगों को खामोश नहीं रहना चाहे ,वो अपना ही क्यों नहीं हो।