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उस रात पापा-मम्मी और अंकल के बीच कमरे में जो हुआ, मैं अंदर से सब देख रहा था, लड़के ने खोला हिला देने वाला राज

Nitin Srivastva

Publish: Sep 13, 2019 14:34 PM | Updated: Sep 13, 2019 14:34 PM

Etawah

अंकल ने पापा को पहले शराब में कुछ मिलाकर पिलाया और जब वह बेहोश हो गए तो...

इटावा. चकरनगर थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी युवक गुड़गांव में प्राइवेट नौकरी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। इसी बीच युवक ने अपने एक दोस्ती की लाचारी देखते उसे लगभग तीन लाख रुपये उधार रुपए दे दिये। वही रुपए वापस मांगना उस दोस्त को इस हद तक नांगवार गुजरा कि उसने शराब पिलाकर युवक विक्रम और उसकी पत्नी की चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शी बेटे की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपी को पुलिस हिरासत में लिया गया है।


तीन लाख के लिये उतारा मौत के घाट

चकरनगर थाना क्षेत्र के गांव नगला बंधा मानपुरा निवासी विक्रम दोहरे परिवार के साथ गुड़गांव में रहकर प्राइवेट नौकरी कर अपना जीवन यापन कर रहा था। विक्रम ने अपने उन्नाव के एक दोस्त को करीब तीन लाख रुपया उधार दिया। उक्त युवक काफी समय से अपने दोस्त से रुपए मांग रहा था, लेकिन वह बहाना करके लगातार आनाकानी कर रहा था। इसके बाद उसने दो दिन पहले ही अपनी बहन की शादी में खर्च के लिए रुपए मांगे, तो इस बात पर विक्रम का दोस्त शाम को घर आकर रुपए देने के लिए एग्री हो गया। उसके बाद सुनियोजित तरीके से उन्नाव का दोस्त बुधवार की शाम विक्रम के घर पहुंचा और उसने शराब में नशीला पदार्थ खिलाकर विक्रम को सुला दिया और दरिंदे ने पहले चाकुंओ से विक्रम की पत्नी ज्योति के पीठ में दो चाकू मारकर हमेशा के लिये उसे मौत की नींद सुला दिया और इसके बाद विक्रम के सीने से लेकर सिर तक अनगिनत चाकू मारते हुए उसे मौत के घाट उतार दिया। यहां तक कि आरोपी ने खुद को बचाने के लिए पुलिस को भी फोन पर समूचे मामले की सूचना दे दी। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस घटनास्थल पर खून में लथपथ मिले दंपति को अस्पताल लेकर पहुंची, यहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।


लड़के ने खोला राज

इधर सूचना देने वाले युवक को पुलिस ने पहले से ही हिरासत में ले लिया गया था। बताते चलें कि मृतक विक्रम का एक करीब सात वर्षीय पुत्र उक्त घटना के दौरान उसी मकान में कहीं छिप गया था, जो पुलिस के पहुंचने पर बाहर निकला। जिसके चलते उसकी जान बच गई थी। उक्त सात वर्षीय प्रत्यक्षदर्शी पुत्र ने पुलिस को समूची घटना से अवगत कराया। तदोपरांत पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं पोस्टमार्टम के उपरांत दोनों शव पैतृक गांव लाए गए। इधर घर से लेकर परिवार और पूरे गांव में मातम छाया हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है, क्योंकि छह माह पहले ही बुखार में अचानक उसके पिता की भी मौत हो गई थी। जिसके बाद परिवार का विक्रम ही एक मात्र सहारा बचा था। जिसे दोस्त ने ही पैसों के लालच में मौत की नींद सुला दिया।

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