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विधवा महिला की हत्या के आरोपी जिला शासकीय अधिवक्ता पद से हटाये गये

Abhishek Gupta

Publish: Sep 10, 2019 20:09 PM | Updated: Sep 10, 2019 20:09 PM

Etawah

इटावा में जिला शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार शुक्ला को विधवा महिला की हत्या के मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद में जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पद मुक्त कर दिया है।

इटावा. इटावा में जिला शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार शुक्ला को विधवा महिला की हत्या के मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद में जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पद मुक्त कर दिया है। शुक्ला के स्थान पर सहायक शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार वर्मा को अग्रिम आदेश तक कार्यवाहक जिला शासकीय अधिवक्ता का कार्यभार सुपुर्द कर दिया गया है।

इटावा के अपर जिलाधिकारी प्रशासन ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने मंगलवार यहां बताया कि जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी शिवकुमार शुक्ला को कोतवाली इलाके के अंतर्गत विधवा महिला की हत्या के मामले में धारा 147, 452, 323, 302 और 506 का आरोपी बनाए जाने के कारण जिलाधिकारी के निर्देशानुसार तत्काल प्रभाव से पद मुक्त कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि अग्रिम आदेशों तक सहायक शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार वर्मा को प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता के पद पर तैनात कर दिया गया है। बताते चलें कि 31 अगस्त को कोतवाली इलाके के छिपैटी मुहाल में मकान के विवाद को लेकर एक विधवा महिला आशा शुक्ला की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पीड़ित परिवार के सदस्यों की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का प्रार्थना पत्र कोतवाली को दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद भी हत्या के करीब 10 घंटे बाद मुकदमा दर्ज न होने को लेकर महिला के परिजनों ने शव को रखकर जाम लगाया था।

जब प्रशासनिक अधिकारियों के दखल दिया तब मुकदमा दर्ज किया गया था लेकिन तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अभी तक जिला शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार शुक्ला और एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी करने की हिम्मत नहीं जुटा रही थी इसी के चलते विधवा महिला की दो बेटियों ने आत्मदाह का ऐलान कर दिया । जिसको लेकर के डीआईजी मोहित अग्रवाल ने इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार पूरे मामले की जांच शासकीय अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए ।

उधर इटावा के जिला मजिस्ट्रेट जयवीर सिंह ने जिला शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार शुक्ला के खिलाफ मामला उछलने के बाद उनको जिला शासकीय अधिवक्ता के पद से तत्काल प्रभाव से हटा करके उनके स्थान पर सहायक शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार वर्मा को तैनात कर दिया है ।

जिला शासकीय अधिवक्ता समेत 5 लोगो के खिलाफ हत्या का मामला तब लिखा गया है जब हत्या की शिकार हुई महिला के परिजनो ने शव को पचराहे पर रखकर प्रदर्शन शुरू किया । करीब दो घंटे से अधिक समय तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने जब एफआईआर की कापी दे दी तब परिजन शव को उठाने के लिए तैयार हुए ।

31 अगस्त की सुबह लगभग 8 बजे मकान के विवाद को लेकर एक पक्ष ने घर में घुसकर गाली गलौज करते हुए मारपीट कर दी। मारपीट की घटना में 50 वर्षीय आशा शुक्ला गंभीर रूप से घायल हो गईं। जिन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया । जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया । पीडित परिवार की तरफ से प्रार्थना पत्र दिया गया था लेकिन कंप्यूटर की देरी के कारण एफआईआर समय पर दर्ज नही हो सकी इसी कारण परिजनों को इस बात का शक हुआ कि मुकदमे के दर्ज करने मे हीलाहवाली बरती जा रही है ।

आशा शुक्ला की हत्या के मामले मे बसंत शुक्ला पुत्र कृष्ण गोपाल, राहुल शुक्ला पुत्र बसंत शुक्ला, राजीव शुक्ला पुत्र बसंत शुक्ला, पुनीत शुक्ला पुत्र उमेश शुक्ला, शिव कुमार शुक्ला पुत्र कृष्ण गोपाल शुक्ला के खिलाफ 147,452,323,302 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया । इस मामले मे बसंत शुक्ला,राजीव शुक्ला और राहुल शुक्ला को गिरफतार कर के जेल भेज दिया गया ।