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सैफई मेडिकल यूनीवर्सिटी में एचओडी को थप्पड़ मारना पड़ा भारी, जूनियर डॉक्टरों ने कर दी हड़ताल

Neeraj Patel

Publish: Aug 17, 2019 21:56 PM | Updated: Aug 17, 2019 21:58 PM

Etawah

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में बाल रोग विभागध्यक्ष ने एक जूनियर डाक्टर को थप्पड़ मार दिया।

इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में बाल रोग विभागध्यक्ष ने एक जूनियर डाक्टर को थप्पड़ मार दिया। नतीजे के तौर पर यूनीवसिर्टी को हड़ताल से दो चार होना पड़ रहा है। सैफई मेडिकल यूनीवसिर्टी के कुलपति प्रोफेसर डॉ. राजकुमार का कहना है कि उनके संज्ञान में आने से तुरंत ही पूरे मामले में जांच कमेटी बना दी गई है। कमेटी में बाहर के सदस्य रखे गए हैं।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह गलत कार्य करने वालों के खिलाफ हैं। विभाग अध्यक्ष की जिम्मेदारी होती है अगर जूनियर डॉक्टर गलती करते है तो वह डांट सकते हैं इसका मतलब यह नहीं कि जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे। यह बिल्कुल गलत बात है हड़ताल पर चले जाना। असल में बाल रोग विभागाध्यक्ष द्वारा बार्ड में मरीजों को देखने के लिये राउंड लेते समय रेजिडेंट डाक्टर धर्मेंद्र चौरसिया पर नाराज होकर उसकी बात सुने बिना ही थप्पड़ मार दिया जिससे नाराज रेजिडेंट्स डाक्टरों ने कुलपति से शिकायत करके विरोध जताया। आज बाल रोग बार्ड में काली पट्टी बांधकर हड़ताल की गई।

कुलपति ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

इस मामले में डाक्टरों का कहना है कि शारीरिक प्रताड़ना की घटना पहले भी होती रही। कभी बीच वार्ड में गंदी गंदी गालियां दी जाती हैं और बीच वार्ड में मारा पीटा जाता। फिर मुर्गा तक बना दिया जाता। ऐसी स्थिति में रेजिडेंट्स का बाल रोग विभाग में कार्य करना असंभव हो गया है और जो डॉक्टर दूसरे की जान बचाने का काम करते हैं, उन्हें अपने जीवन बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इन डाक्टरों ने कुलपति से कहा कि 40 घंटे लगातार काम करने के बाद भी अगर एक डाक्टर को जानवरों की तरह रखा जाएगा और उत्पीड़न किया जाएगा तो कोई रेजिडेंट काम करने में असमर्थ होगा। इसे लेकर उन्होंने बाल रोग विभाग के सारे जूनियर रेजिडेंट हड़ताल पर चले गए और ओपीडी में काम नहीं किया। कुलपति से मुलाकात करने पर कार्रवाई का आश्वासन मिला।

बाल रोग विभाग की इमरजेंसी में रेजिडेंट्स वापस कार्य कर रहे हैं और वार्ड में बाल रोग विभाग के रेजिडेंट हड़ताल पर हैं कोई भी डॉक्टर बाल रोग विभाग के वार्डाे में कार्य नहीं कर रहा है। रेजिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन ने एचओडी को हटाने की मांग की अगर 2 दिन के अंदर उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो उस समय सारे जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर उतर जाएंगे।