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मेडिकल यूनिवर्सिटी की महिला डाक्टर ने खाईं सल्फास की तीन पैकेट गोलियां, वजह जानकर उड़े सभी के होश, लड़ रही जिंदगी-मौत की जंग

Nitin Srivastva

Publish: Jul 21, 2019 08:47 AM | Updated: Jul 21, 2019 08:50 AM

Etawah

- सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की जूनियर महिला डाक्टर शैलजा सचदेवा

- शैलजा सचदेवा ने जून 2018 में सर्जरी एमएस में लिया था प्रवेश

- तीन पैकेट सल्फास की गोलियां खाने के बाद शैलजा ने साथी डॉक्टर को किया फोन

- आईसीयू में चल रहा शैलजा का इलाज, हालत गंभीर

इटावा . सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी (Saifai Medical University) की एक जूनियर महिला डाक्टर द्वारा सल्फास खाकर आत्महत्या करने की कोशिश किये जाने के बाद यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया। संभावना जताई जा रही है कि काम के अधिक बोझ और मानसिक तनाव इस आत्महत्या की कोशिश की बजह हो सकती है, लेकिन इस मामले को लेकर अभी कोई कुछ बोलने के लिये तैयार नहीं है।


महिला डॉक्टर की हालत गंभीर

खबर लिखे जाने तक महिला डाक्टर को आईसीयू में रखकर डाक्टरों की टीम उसे बचाने के लिए उपचार में लगी हुई है। उन्हें जीवन रक्षक उपकरणों के सहारे रखा गया है। बताते चलें कि सर्जरी विभाग में जूनियर डाक्टर शैलजा सचदेवा (Shailja Sachdeva) पुत्री अनिल सचदेवा स्वामी विवेकानंद हास्टल रूम नंबर सी 108 सैफई में रहती है। शैलजा ने शुक्रवार की सुबह 9 बजे अपने ही आवास पर तीन पैकेट सल्फास की गोली खाली खा ली। उसके बाद अपने ही साथी को फोन करके जानकारी दी। जानकारी मिलते ही तत्काल उनके साथियों ने उन्हें सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया। जहां डाक्टर एसपी सिंह टीम द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है। फिलहाल उनकी हालत में कोई सुधार नहीं है।

 

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क्या थी शैलजा के इस कमद की वजह?

वहीं अपनी साथी डा. शैलजा सचदेवा के सल्फास खाने की जानकारी मिलते ही सैकड़ों की संख्या में जूनियर और सीनियर डाक्टर इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में पहुंच गये और सभी इस बात को लेकर आश्चर्य चकित थे कि मरीजों और स्टाफ के साथ हमेशा हंसकर बात करने वाली महिला डाक्टर को ऐसी क्या परेशानी हुई, जिसे लेकर उन्होंने मौत को गले लगाने सरीखा कदम उठाया। हालांकि कोई भी डाक्टर और प्रशासनिक अधिकारी अभी इस मामले में कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। जानकारी मिलने पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। इसके अलावा एसडीएम सैफई हेम सिंह भी शैलजा का बयान लेने पहुंचे, लेकिन स्थिति नाजुक होने के चलते बयान नहीं हो सका।


दो साल पहले लिया था एडमिशन

वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक डाक्टर शैलजा सचदेवा पंजाब के लुधियाना की रहने वाली थीं और सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में जून 2018 में सर्जरी एमएस में प्रवेश लिया था। कुल मिलाकर पंजाब के लुधियाना की मूलरूप से रहने वाली शैलजा दो साल से यहां पर ही रहती थी। उनके द्वारा इतना गंभीर कदम उठाये जाने के पीछे लोग मानसिक तनाव को एक वजह मान रहे हैं। डाक्टर एसपी सिंह से बात करके उनकी हालत जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वहीं प्रभारी निरीक्षक चंद्रदेव यादव ने बताया कि फ्लैट की चाबी अपने पास ले ली गई है और अभी जांच की जा रही है। अब यह भी पता लगाया जा रहा है कि आत्महत्या का कदम उठाने से पहले क्या कोई लिखित में पत्र भी डाला गया है। इन सारे बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।

 

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