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नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में है देश का मुसलमान : स्वामी प्रसाद मौर्य

Mahendra Pratap Singh

Publish: Jan 22, 2020 18:48 PM | Updated: Jan 22, 2020 18:48 PM

Etawah

मुसलमानों को चेहरा बना कर सपा, बसपा ओर कांग्रेस करवा रही है सीएए का विरोध : मौर्य
इटावा के इकदिल स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी परमानंद आश्रम में श्रीकृष्ण प्रणामी महोत्सव का आयोजन
मोहरा बना कर देश का माहौल खराब करने में लगे हैं विपक्षी पार्टियां

इटावा. उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा, बसपा, कांग्रेस मुसलमानों को चेहरा बना कर नागरिकता संसोधन कानून का विरोध करवा रही है। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने यह बात श्री कृष्ण प्रणामी महोत्सव में कहीं। इटावा के इकदिल स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी परमानंद आश्रम में श्रीकृष्ण प्रणामी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जिसमें शामिल होने के लिए श्रम मंत्री इटावा आए थे।

महोत्सव में शामिल होने से पहले श्रम मंत्री ने सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकता संसोधन कानून बहुत पहले लागू हो जाना चाहिए था लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों में इच्छाशक्ति की कमी के चलते इसको लागू नही किया जा सका। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की मजबूत इच्छाशक्ति की वजह से ये कानून लागू हो सका है। अब चाहे जितना विरोध हो इसको वापस नही लिया जा जाएगा।

मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश का मुसलमान नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में है लेकिन सपा, बसपा, कांग्रेस अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए मुसलमानों को आगे करके इसका विरोध करवा रहे है। उन्होंने कहा कि सीएए के बारे में मुसलमानों को गलत व्याख्या करके उन्हें बरगलाया जा रहा है। और मुसलमानों को चेहरा बना कर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे है।

उन्होंने कहा कि देश के कई बड़े मुस्लिम नेता पहले ही नागरिकता संसोधन कानून का समर्थन कर चुके है लेकिन विपक्षी पार्टियां इनको मोहरा बना कर देश का माहौल खराब करने में लगे है। उन्होंने कहा कि इस कानून से किसी की नागरिकता नहीं जाएगी सिर्फ इस्लामिक देशों में मुस्लिमों के अलावा अन्य अन्य धर्मों के पीड़ितों को नागरिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम सीएए में शामिल होना चाहते है जबकि वो पीड़ित नहीं है। असलियत में इस्लामिक देशों में रहने वाले मुस्लिम पीड़ित नही है बल्कि हिन्दू और अन्य धर्मों के लोग पीड़ित है जिनको नागरिकता देने के लिये यह कानून बनाया गया है। इसमे किसी की नागरिकता नही ली का रही है बल्कि पीड़ितों को नागरिकता दी जा रही है।

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