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अफसरों ने किया गांवों का भ्रमण, इटावा में चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से पार, लोगों में मचा हडकंप

Neeraj Patel

Publish: Aug 17, 2019 15:45 PM | Updated: Aug 17, 2019 15:45 PM

Etawah

राजस्थान के कोटा बैराज से बड़े पैमाने पर छोड़े जा रहे पानी के चलते उत्तर प्रदेश के इटावा में चंबल नदी खतरे के निशान को पार कर गई है।

इटावा. राजस्थान के कोटा बैराज से बड़े पैमाने पर छोड़े जा रहे पानी के चलते उत्तर प्रदेश के इटावा में चंबल नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। चंबल नदी के जलस्तर के पार कर जाने से नदी के किनारे बसे गांव वालों को खतरे की संभावनाए जताई जाने लगी हैं। इटावा के जिलाधिकारी जे.बी.सिंह ने प्रभावति इलाकों का भ्रमण करने के दरम्यान बताया कि तड़के चार बजे चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। खतरे के निशान को पार कर जाने के चलते राजस्व विभाग के संबधित अधिकारियो को हिदायत देते हुए सजग कर दिया गया है। साथ ही उन्होंनेे बताया कि चंबल नदी का खतरे का निशान है 119.80 मीटर जब कि मौजूदा समय में चंबल नदी का जलस्तर 121.88 को पार कर चुका है। यह जलस्तर पर बड़े पैमाने पर बढ़ रहा है।

चंबल नदी के जलस्तर के लगातार बढ़ने के चलते राजस्व विभाग के अफसरों को मुस्तैद कर दिया गया है। राजस्व विभाग के अफसरो को साफ साफ निर्देश दिए गए है कि चंबल के बढ़ते हुए जलस्तर से किसी भी तरह की हीला हवाली न बरते। इसके साथ ही नदी के किनारे बसे हुए लोगों को पानी से दूर रहने के निर्देश भी देते रहे।

चंबल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता ही चला जा रहा है क्योंकि कोटा बैराज से बड़े पैमाने पर पानी को छोड़ा गया है। चंबल नदी के जलस्तर को खतरे के निशान के पार कर जाने के कारण इटावा के जिलाधिकारी जे.बी.सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा, उप जिला अधिकारी सिद्धार्थ समेत दर्जनों अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित इटावा जिले के गांव का भ्रमण करना शुरू कर दिया है। इटावा के जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में सक्रिय कर्मियों को पीड़ितों की मदद के लिए सीधे तौर पर निर्देश दिए हुए हैं। उन्होंने प्रभावित गांव के लोगों को इस बात की हिदायत दी है कि गांव में बढ़ रहे पानी से दूर रहें क्योंकि किसी भी तरह का खतरा पानी में जाने से हो सकता है। चंबल नदी में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर इटावा प्रशासन मुस्तैद हो गया है। लगातार बढ़ते चले जा रहे चंबल नदी के पानी के सैकड़ों गांव में घुसने के आसार बनते हुए दिख रहे हैं। चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांव से मुख्यालय का संपर्क कटने की भी आंशका जताई जा रही है।

भ्रमण पर निकले अफसर

इटावा के डीएम जे.बी.सिंह, एसएसपी सन्तोष मिश्रा, संबंधित उप जिलाधिकारियो को लेकर चंबल के प्रभावित गांवों का दौरा करने के लिए भ्रमण पर निकले। उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित उदी गांव में चम्बल नदी के जलस्तर का अवलोकन करने के संबंधितों को समुचित दिशा-निर्देश देने के बाद जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी चकरनगरनगर इलाके में भ्रमण करने जा पहुंचे। कोटा बैराज से लगातार बड़े पैमाने पर चंबल नदी से छोड़े जा रहे पानी के चलते चंबल नदी के किनारे बसे गांव वालों में खासी दहशत देखी जा रही है। 1 लाख 63 हज़ार क्यूसेक के आस-पास पानी छोड़े जाने के कारण चंबल नदी में जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया।

धीरे-धीरे बढ़ रहा जलस्तर

चंबल नदी के जलस्तर में शुक्रवार को तेजी से बढ़ोत्तरी होना शुरू हुई । जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। कोटा-बैराज से 1 लाख 63 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था । जिसका असर शुक्रवार से चंबल में दिखाई देने लगा । चंबल का जलस्तर बढ़ने से अब यमुना के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है। क्यों कि हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से भी पानी छोड़ा गया है। इससे यमुना का जलस्तर भी अब धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

लोगों को दी गई हिदायत

चंबल नदी में बाढ़ आने पर बंसरी, कतरौली, सलोखरा, अचरौली, पथर्रा, बिहार, अमलिया, चकरपुरा, महुआसूड़ा आदि गांव सबसे ज्यादा प्रभावित होते है । वहीं हरौली बहादुरपुर, नीमा डांडा, भरेह, निवी, कायंछी, गोहानी, ढकरा, डिभौली, गोपियाखार के अलावा अन्य गांव पर भी असर पड़ सकता है। जलस्तर बढ़ने से इन गांव के लोगों में बेचेनी बढ़ने लगी है। उधर पछायगांव इलाके के बसवारा गांव के लोगों की मुसीबत शुरू हो गई है क्योंकि गांव के मुख्य मार्ग पर करीब 6 फुट के उपर पानी बह रहा है। खारों के जरिये पहुंचे पानी का जलस्तर लगातार बढ रहा है देर रात का इसके और अधिक बढने की संभावनाए बनी हुई हैं। करीब 1700 की आबादी वाले इस गांव के लोगों को पुलिस और प्रशासन की ओर से सख्त हिदायत दी गई है।