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कश्मीर में कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा रद्द

Dilip Chaturvedi

Publish: Dec 30, 2018 14:02 PM | Updated: Dec 30, 2018 14:02 PM

Employee Corner

सरकार ने सभी आरेखण व संवितरण अधिकारियों को उक्त तिथि के बाद कर्मचारियों के वेतन से बीमा के लिए किसी प्रकार की कटौती नहीं करने के आदेश दिए हैं..

 

जम्मू. जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने स्वास्थ्य बीमा आवंटन में अनियमितता की रपट के बाद अपने कर्मचारियों के लिए ग्रुप मेडिक्लेम इंश्योरेंस पॉलिसी रद्द करने के आदेश दिए। यह आदेश 31 दिसंबर की मध्यरात्रि से लागू होगा। प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए आदेश में कहा गया है कि सभी सरकार कर्मचारियों की ग्रुप मेडिक्लेम इंश्योरेंस पॉलिसी के लागू होने के संबंध में नौ सितंबर को जारी आदेश संख्या 406-एफडी 2018 को रद्द/वापस किया जाता है।

सरकार ने सभी आरेखण व संवितरण अधिकारियों को उक्त तिथि के बाद कर्मचारियों के वेतन से बीमा के लिए किसी प्रकार की कटौती नहीं करने के आदेश दिए हैं। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पॉलिसी आवंटन की प्रक्रिया की जांच करने के आदेश दिए हैं।

इतना ही नहीं इससे पहले ही राज्यपाल ने जम्मू और कश्मीर के कर्मचारियों और सेवानिवृत कर्मचारियों के स्वास्थ्य बीमा के लिए रिलायंस जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड को दिए ठेके को रद्द करने की अनुमति दे दी थी। इसके साथ ही इस मामले में हुई अनियमित्ताओं की जांच के आदेश भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) को दे दिए गए थे।

गौरतलब है कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक इस योजना को रद्द करने की घोषणा कुछ दिनों पहले एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कर चुके थे। उनका कहना था कि इसकी टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हुआ है और शुरुआती जांच में यह बात सामने आने पर इसे रद्द किया जा रहा है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल बनने के एक महीने के बाद सत्यपाल मलिक ने मुख्यमंत्री सामूहिक स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने की अनुमति दी थी। इस योजना की शुरुआत में भी विपक्षी दलों ने रिलायंस को ठेका देने में धांधली होने का आरोप लगाया था। यहां तक कि उस समय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी जम्मू और कश्मीर में अनिल अंबानी की कंपनी को ठेका दिए जाने पर केंद्र सरकार को निशाना बनाया था।