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NEET 2019: नीट फ्रेश मोपअप राउंड के लिए मेडिकल कॉलेजों में 691 सीटें

Sunil Sharma

Publish: Aug 24, 2019 10:57 AM | Updated: Aug 24, 2019 10:57 AM

Education

NEET 2019: हाईकोर्ट के आदेश पर बोर्ड ने जारी की सीट मेट्रिक्स, स्टेट कोटे में अब आई 377 सीटें, वहीं 103 सीटें NRI कोटे में शामिल

NEET 2019: नीट यूजी-पीजी मेडिकल एंड डेंटल काउंसलिंग के 24 और 25 अगस्त को होने वाले फ्रेश ऑफ लाइन मोपअप राउंड से पहले शुक्रवार को नीट यूजी पीजी मेडिकल एंड डेंटल काउंसलिंग बोर्ड ने सीट मेट्रिक्स जारी कर दी। दूसरी काउंसलिंग तक स्टेट कोटे की 377, मैनेजमेंट कोटे की 211 और एनआरआई कोटे की 103 सीटें खाली दिखाई गई हैं। अब तीनों कोटे में कुल 691 सीटें खाली हैं।

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पूर्व में 10 अगस्त को जारी की गई सीट मेट्रिक्स में स्टेट कोटे की 386, मैनेजमेंट कोटे की 213 और एनआरआई कोटे की 106 सीटों सहित कुल 705 सीटें खाली बताई गई हैं। राज्य कोटे में जहां 9 खाली सीटें कम हुई हैं। वहीं मैनेजमेंट कोटे में दो खाली सीटें ज्यादा दिखाई गई हैं। एनआरआई कोटे में भी पिछली बार की तुलना में खाली सीटों में 3 की बढो़तरी हुई है। फ्रेश मोपअप राउंड के लिए अब बीडीएस के लिए स्टेट कोटे में 769, मैनेजमेंट कोटे में 108 और एनआरआई कोटे के लिए 8 सीटें खाली बताई गई हैं।

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NEET की दूसरी काउंसलिंग को लेकर भी उठने लगे सवाल
नीट यूजी मेडिकल एंड डेंटल के फ्रेश मॉप अप की 24 और 25 अगस्त को होने वाली काउंसलिंग को लेकर भी सवाल उठना शुरु हो गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि कोर्ट के आदेशों के बाद 14 अगस्त को स्टेट काउंसिल ने 12 अगस्त की मॉप अप चरण की काउंसलिंग को समाप्त कर दिया था। इसके बाद 16 अगस्त को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) को पत्र लिखकर अपनी गलती को स्वीकार कर लिया, लेकिन स्टेट काउंसिल अब दोबारा अपनी गलती को दोहरा रही है। पहले से जिन लोगों को दूसरे चरण में ज्वॉइनिंग दी गई थी, उनको शामिलकर मॉपअप राउंड करवाया जा रहा है।

इन अभ्यर्थियों का कहना है कि दुबारा इस मनमानी से राजस्थान के 4 हजार से भी अधिक विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ होने की आशंका है, क्योंकि दूसरे चरण में जो विद्यार्थी रिजाइन करता है, तो वह उस साल के एमबीबीएस प्रवेश के लिए अयोग्य हो जाता है। सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडिया की अधिसूचना 18 मई 2018 में यह स्पष्ट है कि जो विद्यार्थी दूसरे चरण में चाहे वह ऑल इंडिया स्तर का हो या स्टेट लेवल का हो, उसमें यदि वह ज्वॉइन कर चुका है तो मॉप अप चरण में भाग नहीं ले सकता। इससे मेडिकल के विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है।