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क्रिसिल ने देश को दी राहत, नहीं बढ़ेंगे दूध के दाम

Saurabh Sharma

Publish: Feb 13, 2020 18:43 PM | Updated: Feb 13, 2020 18:44 PM

Economy

  • चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीने में दिसंबर तक दूध का उत्पादन 6 फीसदी कम
  • वित्त वर्ष के दौरान दूध का उत्पादन करीब 17.6 करोड़ टन रहने का अनुमान
  • दूध का उत्पादन कम होने से दूध के खुदरा मूल्य तीन से चार फीसदी बढ़ा

नई दिल्ली। साख निर्धारण एवं बाजार अध्ययन कंपनी क्रिसिल ने अगले वित्त वर्ष में अच्छे मानसून और दूध उत्पादन बढऩे की संभावना के मद्देनजर दूध की कीमतों में फिलहाल वृद्धि नहीं होने की बात कही है। कंपनी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीने में दिसंबर तक दूध का उत्पादन 6 फीसदी कम रहा तथा पूरे वित्त वर्ष के दौरान इसके 5 से 6 फीसदी के बीच घटकर करीब 17.6 करोड़ टन रहने का अनुमान है।

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क्रिसिल ने बताया कि पिछले साल मई से दूध उत्पादन में कमी आने के कारण पहले 9 महीने में डेयरी कंपनियों का दूध का खरीद मूल्य 19 फीसदी बढ़ा। इस कारण उन्होंने दूध के खुदरा मूल्य तीन से चार फीसदी बढ़ा दिए। पहले जबरदस्त गर्मी, फिर मानसून के आने में देरी और बाद में ज्यादा बारिश से बाढ़ के कारण दुधारू पशुओं को सही चारा नहीं मिल पाया। इस कारण दुग्ध उत्पादन कम रहा।

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क्रिसिल की आज जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल फरवरी से पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध है। साथ पिछले साल मानसूनी बारिश दीर्घावधि औसत से 10 फीसदी ज्यादा होने के कारण जलाशयों में इस बार 10 साल के औसत से 41 फीसदी ज्यादा पानी उपलब्ध है। साथ ही मानसून भी सामान्य रहने का अनुमान है। इन सभी कारकों से यह उम्मीद की जा रही है कि इस कैलेंडर वर्ष रबी और खरीफ फसलों का अच्छा उत्पादन होगा जिससे पशुओं को पर्याप्त चारा मिलेगा। इससे दुग्ध उत्पादन बढऩे की उम्मीद है।

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क्रिसिल के अनुसार, आने वाली कुछ तिमाहियों में दूध के दाम बढऩे की आशंका नहीं है। दूध के साथ ही दूध पाउडर के दाम भी इस दौरान स्थिर रहने की संभावना है। इसकी कीमत कैलेंडर वर्ष 2019 में 100 फीसदी बढ़कर 2018 के 150 रुपए प्रति किलोग्राम से 300 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।

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