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बेहद रहस्यमयी होती है महिला नागा साधुओं की दुनिया, करने पड़ते हैं ऐसे काम, ये 10 बातें आपको कर देंगी हैरान

Vivhav Shukla

Publish: Dec 07, 2019 18:47 PM | Updated: Dec 07, 2019 18:47 PM

Dus Ka Dum

महिला नागा साधु बनने के लिए करने पड़ते है ऐसे काम

नई दिल्ली। नागा साधुओं के बारे में आपने कई बातें सुनी होंगी। लेकिन क्या आप महिला नागा साधुओं के बारे में सुना है? जी हां, जैसे नागा साधु होते हैं वैसे ही महिला नागा साधु (Mahila Naga Sadhus) भी होती हैं। ये भी पुरूष नागा साधु की तरह हिमालय की गुफाओं में रहती हैं।आज हम आपको महिला नागा साधुओं से जुड़ी दस रोचक बातें बताने जा रहे हैं।

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1- किसी भी महिला को महिला नागा साधु बनने के लिए 10 साल तक पूर्ण ब्रह्मचार्य का पालन करना सबसे जरूरी काम होता है।

2- 10 साल तक पूर्ण ब्रह्मचार्य का पालन करने के बाद ही इस बात का निर्णय लिया जाता है कि महिला को नागा साधु बनाया जा सकता है।

3- इस बात का निर्णय महिला नागा साधु की गुरु करती है। इसके बाद ही आगे के सारे काम किए जाते हैं।

4- महिला नागा साधु बनने के लिए मुंडन किया जाता है। इसके अलावा, उसकी पूरी सम्पर्णता सुनिश्चित करने के लिए उसे यह साबित करना होता है कि वह अपने परिवार से दूर हो चुकी है और अब किसी भी बात का मोह नही है।

5- महिला और पुरुष नागा साधुओं में केवल एक अंतर है। महिला नागा साधुओं को पीले कपड़े से खुद को ढंकने के लिए बनाया जाता है। उन्हें नग्न स्नान करने की अनुमति नहीं है और इसलिए उन्हें स्नान करते समय भी उस पीले कपड़े का उपयोग करना पड़ता है।

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6- महिला नागा साधू बनने से पहले खुद का पिंडदान और तर्पण करना पड़ता है।

7- महिला को नागा साधू बनने से पहले उन्हें किसी अखाड़े से महिला सन्यास की दीक्षा लेनी पड़ती है। अखाड़े के आचार्य महामंडलेष्वर ही उसे दीक्षा देते है।

8- महिला नागा साध्वी पूरा दिन भगवान का जप करती है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना होता है। इसके बाद नित्य कर्मो के बाद शिवजी का जप करती है दोपहर में भोजन करती है और फिर से शिवजी का जप करती है।

9- महिला नागा साधू माथे पर तिलक और सिर्फ एक चोला धारण करती है। आमतौर पर ये चोला भगवा रंग का या सफेद होता है।

10- कुम्भ में नागा साधुओं के साथ ही महिला नागा साधू भी शाही स्नान करती है। अखाड़े में इन्हें पूरा सम्मान दिया जाता है।

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