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बैसाखी 2019 : आज सूर्य का हो रहा है मेष राशि में प्रवेश, ऐसे बनाएं दिन को खास

Soma Roy

Publish: Apr 14, 2019 10:11 AM | Updated: Apr 14, 2019 10:11 AM

Dus Ka Dum

  • बैसाखी का पर्व फसल की पहली कटाई की खुशी में मनाया जाता है
  • आज के दिन गंगा स्नान करने एवं सूर्य देव को अघ्र्य देने से व्यक्ति की तरक्की होती है

नई दिल्ली। बैसाखी का पर्व पहले फसल की कटाई की खुशी के तौर पर मनाया जाता है। आज के ही दिन सिक्खों के 10वें गुरु ने खालसा पंथ की नींव रखी थी। वहीं हिंदू धर्म में बैसाखी के दिन गंगा स्नान को शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है। इस बार सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने पर बैसाखी का महत्व ज्यादा बढ़ गया है।

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1.पंडित कृष्णकांत दुबे के अनुसार रविवार को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा। इससे मेष जातकों को मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। इसके अलावा जो भक्त सूर्य देव को अघ्र्य देंगे, उनके जीवन में आ रही कठिनाइयां दूर होंगी।

2.हिंदू धर्म के अनुसार इस बार बैसाखी के पुष्य नक्षत्र पर पड़ने की वजह से ये दिन और ज्यादा खास हो गया है। क्योंकि इस नक्षत्र को बेहद शुभ फल देने वाला माना जाता है। आज के दिन भगवान को खीर का भोग लगाने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

3.शास्त्रों के अनुसार आज के दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। ऐसा करने से व्यक्ति को पापों से भी मुक्ति मिलेगी। साथ ही पुण्य की प्राप्ति होगी।

4.बैसाखी के दिन गंगा या अन्य किसी पवित्र नदी में डुबकी लगाते समय ओम आदित्याये विधिमहे प्रभाकराय धीमहि, तन्नो रुद्र प्रचोदयात। मंत्र का 11 बार जाप करें। इससे सूर्य देव की आप पर कृपा होगी।

5.आज के दिन सूर्य देव को जल में काले तिल, लाल सिंदूर, गुड़ और गुलाब या गुड़हल का फूल डालकर अघ्र्य देने से वे प्रसन्न होते हैं। इससे व्यक्ति की तरक्की होती है।

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6.बैसाखी का दिन कृषि को समर्पित होता है। इसलिए आज जरूरतमंदों को चावल और दाल का दान करना शुभ माना जाता है। इससे व्यक्ति को कभी अन्न की कमी नहीं होगी।

7.बैसाखी का पर्व सिक्ख समुदाय के लिए काफी खास है, इसलिए गुरुद्वारे में माथा टेकने और लोगों की सेवा करने से वाहे गुरु का आशीर्वाद मिलता है।

8.इस दिन पंजाबी समुदाय के लोग नए कपड़े पहनकर एवं ढोल-नगाड़े बजाकर अपनी खुशी का इजहार करते हैं।

9.बैसाखी का पर्व फसलों की कटाई और गंगा स्नान के अलावा अन्य कई चीजों के लिए खास है। क्योंकि इसी दिन सन् 1875 में स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की थी।

10.कुछ पौराणिक ग्रंथों के अनुसार बैसाखी के दिन ही भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।