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हर आंख रोई, गांव में नहीं जले चूल्हे: हादसे में मौत के बाद एक साथ हुआ पांच शवों का अंतिम संस्कार

abdul bari

Publish: Jul 27, 2019 00:25 AM | Updated: Jul 27, 2019 01:42 AM

Dungarpur

सफर में पांचों मृतक एक साथ थे तो सभी की अर्थियां भी घर के आंगन से एक साथ उठीं। अंतिम संस्कार भी एक साथ हुआ। गौरतलब है कि उदयपुर जिले के पलोदडा से एक किमी पहले मिनी ट्रक और जीप की टक्कर हुई। इस हादसे में देवरानी-जेठानी, दो बच्चियों सहित पांच जनों की मौत हो गई थी। एक ही परिवार के चार जने दिवंगत ससुर के दिवासे पर घर आ रहे थे।

सरोदा.

हर आंख भर आई, हर दिल रोया, न जले चूल्हे और न ही उतरा निवाला। हर शख्स की जुबान भी खामोश थी, तो मन में भगवान के प्रति एक ही सवाल था। आखिर क्या दोष था इस परिवार का जो एक साथ चार अर्थियां आंगन से उठी। हे! भगवान, ऐसा मंजर और कहर दुबारा मत ढहाना। जी हां, यह दृश्य ( five killed in road accident ) कहीं ओर का नहीं डूंगरपुर जिले के पादरडी गांव का था, जब एक ही गांव के पांच लोगों की सड़क दुर्घटना ( road accident in Dungarpur ) में मौत के दूसरे दिन शुक्रवार को इनके शव गांव पहुंचे।

 

इस दौरान गांव के घरों में चूल्हे तक नहीं जले, एक छोटे से बच्चे से लेकर बड़े बुजुर्ग तक के गले में निवाला तक नहीं उतारा। एक ही परिवार के चार जने और एक अन्य परिवार के मुखिया की जान पलोदडा हादसे ने ले ली थी।

road accident 5 killed in dungarpur

सफर में एक साथ थे, एक साथ ही निकली अर्थियां

उदयपुर से पादरडी आने के सफर में पांचों मृतक एक साथ थे तो सभी की अर्थियां भी घर के आंगन से एक साथ उठीं। अंतिम संस्कार भी एक साथ हुआ।

गौरतलब है कि उदयपुर जिले के पलोदडा से एक किमी पहले मिनी ट्रक और जीप की टक्कर ( truck Jeep accident in dungarpur ) हुई। इस हादसे में देवरानी-जेठानी, दो बच्चियों सहित पांच जनों की मौत हो गई थी। एक ही परिवार के चार जने दिवंगत ससुर के दिवासे पर घर आ रहे थे। दो भाइयों की पत्नी वंदना (35) पत्नी नितेश सुथार, हर्षा (30) पत्नी विपिन सुथार, जैनी (5) पुत्री विपिन सुथार, चार्वी (3)पु त्री विपिन सुथार की मौके पर ही मौत हो गई है। 25 सालों से उदयपुर में होटल चला रहे राजेंद्र पुरोहित (45) पुत्र वासुदेव पुरोहित की मौत हो गई थी। पांचों के शव गांव आते ही गमगीन हो गया।


पूरा गांव गमगीन हो गया

पांच जनों के एक साथ शव आने के बाद पूरा गांव गमगीन हो गया। एक तो सुथार परिवार था ओर दूसरा पुरोहित परिवार, उनके रिश्तेदार और पूरा गांव एक साथ रो उठा। बड़े बुजुर्ग परिजनों को ढांढस बंधाते रहे तो कुछ युवा आंखों में आंसू लिए अंतिम संस्कार की तैयारियों में लगे हुए रहे। जब एक ही परिवार की चार अर्थियां निकली तो हर किसी की आंखें भर आईं। उन दो मासूमों का क्या गुनाह था, जो जिंदगी को देख ही नहीं सकी और भगवान ने उन्हें उठा लिया। कई लोग को मौके पर बेसुध हो गए।

road accident 5 killed in dungarpur

4 माह में 6 मौत एक ही परिवार में

सुथार परिवार में पिछले चार माह से मानो काल बैठा है,अप्रेल माह में इसी परिवार के एक बालक की करंट लगने मौत हो गई थी जबकि नितेश के पिता पेमजी भाई सुथार की मृत्यु 2 माह पूर्व ही हुई है।


राजेंद्र के परिवार में चौथा सड़क हादसा

मृतक राजेंद्र पुरोहित के परिवार में ये चौथा सड़क हादसा है जिसमे किसी की जान गई है, 1975 में उनके पिता वासुदेव, 1998 में चहेरे भाई कृष्ण वल्लभ की, 2002 में उनके भाई किशोर पुरोहित की तथा अब स्वयं राजेंद्र की सड़क हादसे में ही मौत हुई।


जनवरी में थी दोनो बच्चों की शादी

राजेन्द्र पुरोहित की पुत्री ऋतु व पुत्र फाल्गुन की शादी जनवरी माह में होनी थी। अभी घर का लोन स्वीकृत हुआ था, जिसके लिए घर आ रहे थे पर होनी को कुछ और ही मंजूर था।


तीन का दाह संस्कार और दो मासूम पृथ्वी को समर्पित

मृतक पांच जनों में से तीन का दाह संस्कार किया गया, और दो मासूमों को पृथ्वी मां को समर्पित किया। तीन जनों की अर्थियां एक साथ जलीं। वहीं पहली बार देवरानी जेठानी की अर्थिया एक साथ उठीं व साथ जलाई। इस मौके पर आसपुर एडीएम भगीरथ शाह, सागवाड़ा तहसीलदार डायालाल पाटीदार, सरपंच राजेंद्र परमार, उप प्रधान हितेश रावल, सरोदा सरपंच पन्नालाल डोडियार,सरोदा पुलिस चौकी प्रभार नाथूलाल यादव मय जाप्ता उपस्थित थे।


घायलों का इलाज जारी

हादसे में घायल खडलई निवासी महेंद्र डिंडोर पुत्र बालकिशन, सरोदा निवासी गिरीश पुत्र वासुदेव डिंडोर, सरोदा निवासी रविना पुत्री रमेशचंद्र डिंडोर, खडलई निवासी नितेश पुत्र माणकलाल डिंडोर, गोवर्धन पुत्र गणेशलाल और सरोदा निवासी प्रहलाद पुत्र विजयसिंह चालक भी गंभीर रूप से घायल हुए, इनका इलाज चल रहा है। वहीं वाहन चालक प्रहलाद की हालत नाजुक बताई जा रही है जिसे अहमदाबाद रैफर कर दिया गया है।

 

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