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डेढ़ घंटा सूना रहा मकान, दिनदहाड़े लाखों की चोरी

Vinay Sompura

Publish: Aug 02, 2019 23:58 PM | Updated: Aug 02, 2019 20:05 PM

Dungarpur

- चॉबी से दरवाजा खोल कर दिया वारदात को अंजाम
- दो लाख नकद सहित सोने-चांदी के जेवर पार

Dungarpur- डेढ़ घंटा सूना रहा मकान, दिनदहाड़े लाखों की चोरी
- चॉबी से दरवाजा खोल कर दिया वारदात को अंजाम
- दो लाख नकद सहित सोने-चांदी के जेवर पार
आसपुर. कस्बे की सांई कालोनी में शुक्रवार को दिन दहाड़े चोरी की बड़ी वारदात होने से हडक़म्प मच गया। यहां भंवरलाल पुत्र कारुलाल भोई के मकान को निशाना बनाकर चोर नकदी सहित लाखों रुपए के माल सामान पर हाथ साफ कर चंपत हो गए।
दोपहर 12 से डेढ़ के बीच वारदात
वारदात दोपहर 12 से डेढ बजे के बीच की है। चोर मौका देखकर घर के बाहर बाथरुम में रखी मुख्य दरवाजे के ताले की चाबी लेकर ताला खोलकर अंदर घुसे। बेडरुम में रखी दोनों आलमारियों का ताला तोडक़र करीब दो लाख रुपए नकद, पांच तोला सोने की चेन, बंगडी, अंगूठियां, एक किलो चांदी के जवला, कंदोरा, झूडा, पायजब आदि जेवरात सहित चार लाख रुपए से भी अधिक के सामान पर हाथ साफ कर पिछले दरवाजे से भाग गए।
बेटी के स्कूल से आने पर लगी भनक
चोरों ने घर में घूसते ही मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर वारदात को अंजाम दिया। कक्षा बारहवीं में पढ रही भंवरलाल की पुत्री शीला डेढ़ बजे स्कूल से घर आई तब वारदात की भनक लगी। शीला हमेशा की तरह चाबी लेने बाथरुम में गई तो चाबी गायब थी। दरवाजा अंदर से बंद देखकर उसने खिडकी से झांका तो सामान बिखरा हुआ देखकर बड़े भाई रमेश को फोन से सूचना दी। बाद में परिवार के सभी लोगों ने पिछवाड़े से घर के अंदर पहुंचे। हादसे से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर थानाधिकारी रिजवान खान ने मय जाप्ता मौका निरीक्षण कर रमेश की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।
चोर को मालूम था चॉबी कहां रहती है. .
वारदात चॉबी से ताला खोलकर की गई है। इससे पुलिस इसके पीछे किसी जानकार का हाथ होना मान रही है। भंवरलाल भोई उसकी पत्नी ईश्वरी देवी एवं बड़ा पुत्र रमेश पुराना बस स्टेंड पर फल सब्जी का धंधा करते हैं। घटना के समय यह सभी दुकान एवं लारी पर थे। दोपहर 12 बजे रमेश की पत्नी नर्वदा सबका टिफिन लेकर दुकान पर गई थी। यही रोज की रुटीन है। रमेश हर रोज दोपहर में एक बजे बाद दुकान से घर आकर दो घंटे आराम करता है लेकिन शुक्रवार को दुकान पर काम की अधिकता से संयोगवश घर नहीं आ सका। चोरों ने उसका फायदा उठाकर वारदात को अंदाज दिया। भंवरलाल के पुत्र राकेश एवं देवीलाल सागवाड़ा क्षेत्र में टेंपो से फलों का व्यापार करते हैं।
मंडी जाने के लिए रखी थी नकदी
सभी के व्यापार की नगदी घर में ही रखते है। सप्ताह-दस दिन में एक बार उदयपुर मंडी में माल लेने एवं व्यापारियों का हिसाब करने जाते हैं। अभी एक दो दिन में उदयपुर जाने के लिए ही घर पर नकदी रखी, लेकिन इससे पहले ही चोरों ने अपना काम कर लिया। वारदात से पूरा परिवार सदमें में है। लंबे अंतराल के बाद चोरों की कस्बे में दस्तक से दहशत का माहौल है। वहीं पूर्व की चोरियों का राजफाश नहीं होने से लोगों में रोष है।