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8 से 12 लोगों का गिरोह सक्रिय, युवतियों का अपहरण और गुजरात में सौदेबाजी

Harmesh Kumar Tailor

Publish: Aug 06, 2019 11:36 AM | Updated: Aug 06, 2019 11:36 AM

Dungarpur

Dungarpur

8 से 12 लोगों का गिरोह सक्रिय, युवतियों का अपहरण और गुजरात में सौदेबाजी


डूंगरपुर. दोवड़ा थाना क्षेत्र के तहत एक किशोरी का अपहरण कर गुजरात के पाटन जिले में बेच देने का खुलासा होने के बाद पुलिस की ओर से गिरफ्तार खरीदार ने पूछताछ में कई अहम राज उगले हैं।
डूंगरपुर और उदयपुर जिले के पहाड़ा थाना क्षेत्रके आठ से 12 युवकों का एक गिरोह है जो चार - चार के गुट में अलग अलग गांवों में घुमता है। जैस ही इन युवकों को अकेली लडक़ी कहीं पर नजर आती है तो उससे उसके गांव के बारे में पूछताछ करते हंै ओर आखिर में कह देते हैं कि उसकी मां या पिता को जानते हैं। फिर बाइक पर बैठाकर अपहरण कर लेते हैं। यह गिरोह लडक़ी/किशोरी/महिला आदि का अपहरण कर पहले तो पहाड़ा, खेरवाड़ा या ऋषभदेव आदि जगहों पर किराए के कमरे में रखते थे। फिर हिम्मतनगर, अहमदाबाद और पाटन में ले जाकर बेच देते हैं। इन युवकों का एक तरह से टारगेट होता है। उसी तरह से इनका काम भी होता है। अंत में सौदा करने के बार मिलने वाली राशि खर्च निकालने के बाद बांट ली जाती है।

8 से 12 लोगों का गिरोह सक्रिय, युवतियों का अपहरण और गुजरात में सौदेबाजी


डूंगरपुर. दोवड़ा थाना क्षेत्र के तहत एक किशोरी का अपहरण कर गुजरात के पाटन जिले में बेच देने का खुलासा होने के बाद पुलिस की ओर से गिरफ्तार खरीदार ने पूछताछ में कई अहम राज उगले हैं।
डूंगरपुर और उदयपुर जिले के पहाड़ा थाना क्षेत्रके आठ से 12 युवकों का एक गिरोह है जो चार - चार के गुट में अलग अलग गांवों में घुमता है। जैस ही इन युवकों को अकेली लडक़ी कहीं पर नजर आती है तो उससे उसके गांव के बारे में पूछताछ करते हंै ओर आखिर में कह देते हैं कि उसकी मां या पिता को जानते हैं। फिर बाइक पर बैठाकर अपहरण कर लेते हैं। यह गिरोह लडक़ी/किशोरी/महिला आदि का अपहरण कर पहले तो पहाड़ा, खेरवाड़ा या ऋषभदेव आदि जगहों पर किराए के कमरे में रखते थे। फिर हिम्मतनगर, अहमदाबाद और पाटन में ले जाकर बेच देते हैं। इन युवकों का एक तरह से टारगेट होता है। उसी तरह से इनका काम भी होता है। अंत में सौदा करने के बार मिलने वाली राशि खर्च निकालने के बाद बांट ली जाती है।
अभी पांच से छह लड़कियां, जिन्हें धकेला है देह व्यापार में
पुलिस के अनुसार डूंगरपुर की चार और ऋषभदेव थाने से दो लड़कियां ऐसी हैं, जिन्हें इसी गिरोह में देह व्यापार में धकेला है। पहले तो इन लड़कियों को अपहरण किया ओर बाद में उन्हें पाटन ले जाकर बेच दिया है। इस प्रकरण को लेकर दोवड़ा में तीन, सदर में एक और ऋषभदेव थाने में दो प्रकरण दर्ज हैं। तीनों थाना पुलिस की ओर से देहव्यापार के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं है, लेकिन दोवड़ा पुलिस को मामले में पहली सफलता मिली है और खरीदार को गिरफ्तार किया है।
बेचने वाले भी पकड़ में होंगे
थानाधिकारी गोविंद सिंह ने बताया कि एसपी जय यादव के निर्देश पर पूरी टीम गठित की है। मामले को लेकर अब पूरी तह तक जाएंगे। अभी खरीदार हाथ लगा है, जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा। सदर, दोवड़ा और ऋषभदेव में भी इस तरह के प्रकरण के मामले दर्ज हैं। पुलिस को शक है कि ये गिरोह एक ही है जो इस तरह के काम करता है। इसके लिए पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी ग्रुप बनाकर जागरुक कर रही है।
हिम्मतनगर में सामूहिक बलात्कार का मामला
डूंगरपुरञ्चपत्रिका. दोवड़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी का अपहरण कर उसे हिम्मतनगर गुजरात ले जाकर सामूहिक बलात्कार कर उसे डेढ़ लाख रुपए में बेचने के मामले में नया खुलासा हुआ है। किशोरी को खरीदने वाले युवक अजय कुमार ने पूछताछ में बताया है कि उसने लडक़ी को अपने गांव बड़ोद, तहसील खेरालू, जिला पाटन में नदी किनारे बने एक खंडहरनुमा घर में 22 दिनों तक रखा। इस दौरान आरोपी स्वयं और अन्य के सामने देहव्यापार के लिए पीडि़ता को परोसता था। एक से दो हजार रुपए तक की राशि अजय कुमार ग्राहकों से वसूलता था। 22 दिनों के बाद जब ग्राहकों की कमी हो गई तो किशोरी को लेकर वह फिर हिम्मतनगर पहुंचा और ग्राहक ढूंढने का प्रयास किया। गौरतलब है कि हिम्मतनगर में सामूहिक बलात्कार की पीडि़त किशोरी का 14 मई को सरेरा निवासी चार आरोपी युवकों ने पुनाली से अपहरण किया था और उसे हिम्मतनगर ले जाकर देह व्यापार करवा रहे थे। चारों आरोपी चिचला फला सरेरा थाना पहाड़ा निवासी आरोपी संजय पुत्र राजू परमार, दीपक पुत्र कावा परमार, महेश परमार और राजू परमार ने डेढ़ लाख रुपए में खरीदार अजय कुमार पुत्र अनिल रावल को बेचा था।
ऐसे पहुंची पुलिस : किशोरी जगह जानती थी, लेकिन नाम नहीं
पीडि़त किशोरी को पाटन जिले के बड़ोद गांव में वह जगह जानती थी, जहां पर उसे 22 दिनों तक रखा गया था। लेकिन गांव का नाम नहीं पता था। ऐसे में पुलिस दल के साथ पीडि़ता वहां पहुंची, लेकिन अनजान जगह होने के कारण पुलिस दल अन्य जगह पर पहुंचे। फिर कागज पर नक्शा बनाया और खंडहर तक पहुंचे। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी अजय वहां नहीं था। लेकिन आस पास जानकारी मिली थी कि वह पाटन में रेस्टोरेंट पर काम करता है। इस तरह से पुलिस पाटन पहुंची और वहां से आरोपी को गिरफ्तार किया। टीम में थानाधिकारी गोविंद सिंह झाला और हेड कांस्टेबल पुष्पराज सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई की।
कोर्ट ने जेल भेजा
दूसरी ओर दोवड़ा पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी अजय को अदालत ने जेल भेज दिया। थानाधिकारी गोविंद सिंह ने बताया कि आरोपी से कई अहम जानकारी मिली है।