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Malnutrition: 20 करोड़ से ज्यादा बच्चे कुपाेषण के शिकार : यूनिसेफ

Yuvraj Singh Jadon

Publish: Oct 18, 2019 11:55 AM | Updated: Oct 18, 2019 11:55 AM

Disease and Conditions

Malnutrition In Hindi: यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रेन फंड (यूनिसेफ) की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दुनिया भर में पांच साल से कम उम्र के तीन बच्चों में एक बच्चा कुपोषित है और उसका विकास सही तरीके से नहीं हो रहा है...

Malnutrition In Hindi: यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रेन फंड (यूनिसेफ) की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दुनिया भर में पांच साल से कम उम्र के तीन बच्चों में एक बच्चा कुपोषित है और उसका विकास सही तरीके से नहीं हो रहा है। यूनिसेफ ने मंगलवार को चिल्ड्रेन, फूड एंड न्यूट्रिशन की रिपोर्ट में चेताया, ''बड़ी संख्या में खतरनाक ढंग से बच्चे खराब आहार व खाद्य प्रणाली का परिणाम भुगत रहे हैं।

Malnutrition Diseases
'स्टेट ऑफ द वर्ल्ड चिल्ड्रेन 2019 : चिल्ड्रेन, फूड एंड न्यूट्रिशन' में कहा गया है कि पांच साल से कम उम्र के 20 करोड़ से ज्यादा बच्चे या तो कुपोषित हैं या मोटापाग्रस्त हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह स्थिति तीन में से एक है और छह महीने से दो साल की आयु के करीब दो-तिहाई बच्चों को पर्याप्त भोजन नहीं मिलता, जिससे उनका उचित विकास हो।

पर्याप्त पोषण की कमी से बच्चों में स्वास्थ्य समस्याएं जैसे कमजोर दिमाग का विकास, सीखने की कमी, कमजोर प्रतिरक्षा और संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है और कई मामलों में समय पूर्व मौत भी हो जाती है।

Malnutrition Symptoms
एजेंसी की कार्यकारी निदेशक हेनरिटा फोरे ने कहा कि स्वास्थ्य और पोषण को लेकर तकनीकी उन्नति के बावजूद दुनिया सबसे मूल तथ्य को भूल गई है कि अगर बच्चे खराब तरह से खाते हैं तो खराब तरह से जीएंगे। उन्होंने कहा कि लाखों बच्चे पोषक आहार नहीं ले रहे हैं, क्योंकि उनके पास कोई बेहतर विकल्प नहीं है।

महत्वपूर्ण रिपोट कुपोषण के 'ट्रिपल बर्डन' को बताती है। इसके तहत कुपोषण, मोटापा और जरूरी पोषक तत्वों की कमी है। पांच साल से कम उम्र के 14.9 करोड़ बच्चे अपनी उम्र से काफी छोटे हैं। पांच करोड़ बच्चे अपनी लंबाई के मुकाबले काफी पतले हैं, जो कुपोषण का आम संकेत है। यूनिसेफ ने 'हिडेन हंगर' में कहा कि इसी आयु समूह वाले अन्य चार करोड़ बच्चे मोटापे का शिकार हैं। इसके साथ ही दुनिया भर के आधे बच्चे जरूरी विटामिन व पोषक पदार्थ नहीं पा रहे हैं।