गर्भधारण से बढ़ता है महिलाओं में दिल की बीमारी का खतरा

Vikas Gupta

Publish: Jan 28, 2019 15:16 PM | Updated: Jan 28, 2019 15:16 PM

Disease and Conditions

शोध में 1.5 लाख महिलाओं में गर्भधारण के छह से 52 साल के दौरान दिल की बीमारी पाई गई।

बच्चे को जन्म देने वाली महिलाओं को दिल की बीमारी का खतरा उन महिलाओं से ज्यादा रहता है, जिनकी कोई संतान नहीं है। यह बात एक हालिया शोध में प्रकाश में आई है।

पूर्व के अध्ययनों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में अक्सर नाड़ी, रक्त की मात्रा, हृदय गति आदि में बदलाव दिखता है, हालांकि गर्भधारण करने से हृदय रोग होने की बात विवाद का विषय बनी हुई है।

चीन के हुआझोंग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलोजी की एक टीम ने हालिया शोध में 10 अध्ययनों की समीक्षा की, जिसमें दुनियाभर में 30 लाख महिलाओं को शामिल किया गया। शोध में 1.5 लाख महिलाओं में गर्भधारण के छह से 52 साल के दौरान दिल की बीमारी पाई गई।

यूरोपियन सोसायटी ऑफ कार्डियोलोजी जर्नल में प्रकाशित हुए शोध के नतीजों में पाया गया कि बच्चे को जन्म देने से हृदय रोग व आघात का खतरा 14 फीसदी बढ़ जाता है।

विश्वविद्यालय के प्रमुख शोधकर्ता वांग डोंगमिंग के अनुसार, गर्भधारण करने से शरीर में जलन पैदा होती है और पेट के चारों ओर और खून व धमनियों में चर्बी जमा होने लगती है। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन से कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर स्थायी प्रभाव पड़ता है, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।