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Health Tips : ये करते ही डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के मच्छर भाग जाएंगे

Ramesh Kumar Singh

Publish: Aug 15, 2019 19:26 PM | Updated: Aug 15, 2019 19:26 PM

Disease and Conditions

बारिश के मौसम में मच्छरजनित रोग थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने के साथ लक्षण दिखते ही आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज कराया जाए तो जल्द से जल्द राहत मिलेगी और बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी। डेंगू ( Dengue ), चिकनगुनिया ( Chikungunya ), और मलेरिया ( malaria ) जैसी बीमारियों का आयुर्वेद में सरल व बेहतर इलाज संभव है।

एडिज मच्छरों के काटने से होता है चिकनगुनिया
एडिज मच्छरों के काटने से होता है जो एक विषाणु रोग है। एडिज मच्छर के काटने के बाद व्यक्ति को तेज बुखार के साथ भूख न लगना, सर्दी के साथ बदन दर्द और जोड़ों में अधिक तकलीफ होना होता है। इसके साथ ही त्वचा पर लाल चकत्ते पडऩा और कमजोरी महसूस होना होता है। समय रहते लक्षण को पहचानकर इलाज कराने से जल्द आराम मिलता है।

तेज बुखार व और हड्डियों में दर्द तो डेंगू
डेंगू एक फिल्टर वायरस है जो मच्छरों के काटने से होता है और मनुष्यों में ये रोग तेजी से फैलता है। इस बुखार की चपेट में आने के बाद व्यक्ति का शरीर तेजी से कमजोर होने के साथ भूख लगनी बंद हो जाती है। कुछ समय बाद प्लेटलेट का स्तर तेजी से घटता है जिसे समय रहते नियंत्रित नहीं किया जाए तो जान मुश्किल में पड़ सकती है। डेंगू होने पर जोड़ों और हड्डियों में दर्द के साथ शरीर में थकान जैसे लक्षण दिखते हैं। समय पर इलाज कराया जाए तो एक सप्ताह में रोगी को आराम मिल सकता है।

एनिफिलिस मच्छर देता मलेरिया
मलेरिया की बीमारी गंदगी और गंदे वातावरण की वजह से फैलती है। खासतौर पर ये बीमारी बारिश में तेजी से पनपने वाले एनिफिलिस मच्छर के काटने से होती है। इसके डंक से रक्त में विकार पैदा होता है जो परेशानी का कारण बनता है। इसके होने पर शरीर में कंपन के साथ जी-मिचलाना, उल्टी होना, दस्त जैसी तकलीफे होती हैं।

इन Tips से भाग जाएंगे ये बुखार
डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया में छह नग तुलसी और नीम के पत्ते को मिलाकर तीन गोली बना लें। इसे दिन में तीन बार पानी में लें। इसके साथ नीम की कोपल सात नग, काली मिच पांच नग पिसकर और दो चम्मच निवाये पानी में मिलाकर तीन बार लें फायदा होगा। सफेद जीरा पांच ग्राम, काला जीरा दस ग्राम, बीज रहित मुनक्का दो ग्राम सभी को एक साथ पीसकर नौ गोली बनाकर दिन में तीन बार एक-एक बोली निवाये पानी से लें बहुत फायदा होगा।

एक्सपर्ट : वैद्य बंकटलाल पारीक, आयुर्वेदाचार्य