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कलेक्टर अंकल स्कूल की छत हमारे ऊपर गिरी तो क्या होगा

Rajkumar Yadav

Publish: Sep 22, 2019 10:19 AM | Updated: Sep 21, 2019 22:42 PM

Dindori

समाज सेवियों ने तहसीलदार को सौंपा कलेक्टर के नाम लिखा गया छात्रों पत्र
भवन के मरम्मतीकरण की छात्रों ने की मांग

डिंडोरी/समनापुर. प्राथमिक विद्यालय में पढऩे वाले बच्चों को हर वक्त स्कूल की छत गिरने का भय सताता रहता है। जिसे लेकर छात्रों ने कलेक्टर के नाम पत्र लिखा है। जिसमें छात्रों द्वारा लिखा गया है कि कलेक्टर अंकल स्कूल की छत हमारे ऊपर गिर गई तो क्या होगा। जर्जर हो चुके सरकारी स्कूल में पढऩे वाले बच्चों का यह भय लाजमी भी है। दरासल जिस विद्यालय भवन में बैठकर वह शिक्षा ग्रहण करते हैं वह पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इस खत के माध्यम से बच्चों ने समय रहते प्रशासन को भविष्य में होने वाली दुर्घटना से आगाह किया है। बच्चों के इस खत पर प्रशासन में क्या हल-चल होती है और क्या कदम उठाया जाएगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा। जर्जर भवन की वजह से होने वाले हादसे से भयभीत यह बच्चे समनापुर विकासखंड के अतरिया ग्राम में संचालित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत हैं। बच्चों द्वारा लिए गए इस खत को समनापुर के समाज सेवियों ने कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार दिलीप मरावी को सौंपा है।
क्या लिखा है पत्र में
छात्रों ने इस पत्र में लिखा है कि हम बच्चे समनापुर के अतरिया स्कूल में पढते हैं। जब हम घर से विद्यालय जाते हैं तब एक कंकड़ भी हमारे पैरों में चुभ जाये तो दर्द होता है। अगर विद्यालय की छत हमार ऊपर गिरेगी तब कितना दर्द होगा। उसकी कल्पना भी नही कर पा रहे हैं। विद्यालय की खराब स्थिति देख हमारा मन विद्यालय आने को नहीं करता और डर भी लगता है। हम अपने माता-पिता को कहते कि हमे स्कूल नहीं जाना है तब हमारे माता पिता न पढने का बहाना समझते हैं।
गिर सकता है भवन
बच्चों ने लिखा है कलेक्टर अंकल आपसे निवेदन है कि आप हमारे स्कूल को बनवा दें या फिर स्कूल के बाहर अपना एक लेटर लगवा दें की यह विद्यालय कभी भी गिर सकता है अपने बच्चों को न पहुंचाएं । विद्यालय का भवन कभी भी गिर जाने की स्थिति में है एवं एक ही कमरे में पहली से पांचवीं तक की कक्षा संचालित है। जिससे बच्चों की पढाई नहीं होती। बताया गया है कि समाज सेवियों ने पोस्टमेन बन इस चि_ी के माध्यम से बच्चों की परेशानियो के बारे में कलेक्टर को बच्चों और विद्यालय की समस्याओं से अवगत कराया। बच्चों द्वारा लिए गए इस पत्र को तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर तक पहुंचाने में समाज सेवी पीतम तेकाम, गोरा राय, मदन मोहन राय, सुनील हथेस व पप्पू पड़वार आदि ने मदद की है। देखना यह है कि छात्रों द्वारा विद्यालय भवन को लेकर पत्र के माध्यम से बयां किए गए दर्द को प्रशासन कितनी गंभीरता से लेता है और इस मामले में क्या कदम उठाता है।