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रैन बसेरा के सामने जमीन पर सोई थी बीमार बच्ची व मां, कलेक्टर ने कराया भर्ती

Rajkumar Yadav

Publish: Sep 12, 2019 10:23 AM | Updated: Sep 11, 2019 22:13 PM

Dindori

दवाईयों की स्टोरेज संबंधी सही जानकारी न देने पर स्टोर कीपर का वेजन काटने निर्देश
रैन बसेरा के एक कमरे में रखा था कबाड़, दूसरे में लटक रहा था ताला
कुपोषित बच्चों की सही जानकारी नहीं मिलने पर बीसीएम को नोटिस जारी कर वेजन रोकने के निर्देश

मेंहदवानी. जिले की स्वास्थ व्यवस्था किस तरह बेपटरी है उसकी बानगी उस वक्त देखने मिली जब कलेक्टर स्वयं सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां चारो तरफ गंदगी की गंदगी फैली हुई थी और अव्यवस्था का आलम व्याप्त था। जिसे देख कलेक्टर बी कार्तिकेयन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए साफ-सफाई के निर्देश दिए। इसके अलावा भी स्वास्थ केन्द्र में कई अव्यवस्थाएं निरीक्षण के दौरान सामने आई। उल्लेखनीय है कि लेक्टर डिंडोरी बी कार्तिकेयन बुधवार को अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मेंहदवानी का निरीक्षण किया। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की ढेरों खामियां उजागर हुई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में चारों ओर गंदगी फैली दिखी। जिसे देख कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और साफ सफाई के निर्देश दिए। अस्पताल का जनरेटर बंद पाया गया। मरीजों के परिजनों के लिए निर्मित रैन बसेरा के एक कमरे में कबाड़ रखा मिला जबकि दूसरे कमरे में ताला लटका मिला। जिसे खोलने के निर्देश देने के बाद भी नहीं खुलने पर ताला तुड़वा अंदर की वस्तुस्थिति देखी। वहीं तीसरे कमरे में बन रहे मरीजों के भोजन का निरीक्षण किया। रैन बसेरा के बाहर जमीन पर सोई बुखार से पीडित बच्ची तथा उसकी मां को कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती कराया। स्टोर कीपर को दवाइयों की स्टोरेज संबंधी सही जानकारी न दे पाने के कारण 15 दिनों का वेतन काटने के निर्देश दिए जबकि दस्तक अभियान, कुपोषित बच्चों के सही आंकड़ों की जानकारी नहीं मिलने पर बी सी एम को शोकॉज नोटिस जारी कर वेतन रोकने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ओपीडी में और पलंग बढ़ाने तथा शत प्रतिशत मरीजों के खून जांच कर उपचार करने को कहा। क्योंकि प्रतिदिन औसतन 150 मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं और उसमें से सिर्फ 15 प्रतिशत ही मरीजों का ब्लड सैम्पल की जांच होती है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मिंयों ने कलेक्टर से महीनों से वेतन नहीं मिलने की समस्या बताई जिसे कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को तत्काल वेतन देने के निर्देश दिए। वहीं पोषण पुनर्वास केन्द्र में मीनू के अनुसार नास्ता तथा भोजन की जानकारी नहीं दे पाए जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर किया।