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मवेशियों का शिकार, जंगल में मिले शेर के फुट प्रिन्ट

Rajkumar Yadav

Publish: Aug 22, 2019 10:17 AM | Updated: Aug 21, 2019 21:48 PM

Dindori

एक दर्जन से अधिक गांव के लोग दहशत के साए में
पहले भी हो चुके है कई हादसे

शहपुरा. वन परिक्षेत्र शहपुरा के अमेंरा बीट अंतर्गत अमठेरा बड़झर खम्हरिया के जंगल में एक सप्ताह से शेर ने एक के बाद एक कई जानवरों को अपना शिकार बनाया है। इसके बाद भी वन विभाग के जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं। जानकारी अनुसार अमठेरा बड़झर खम्हरिया के जंगल में शेर ने दस्तक दे दी है और लगातार जानवरों को अपना निवाला बना रहा है। अभी तक वह छ: पालतू चौपायों को अपना निवाला बना चुका है। जिसके चलते आसपास के दर्जनों गांव में निवास करने वाले लोग दहशत के साए में जी रहे हैं। लोग जंगल की ओर नहीं जा रहे है और शाम ढलते ही गांव के लोग घरों में दुबक जाते हैं। पहले लोग तेंदूआ की दहशत में थे और अब बाघ के दस्तक से लोग हैरान व परेशान है ।
इनके जानवरों को बनाया निवाला
ग्रामीणो ने बताया कि अब तक ग्रामीण होल्कर सिंह की गाय, दूसरे दिन ग्रामीण पूसा सिंह की दो भैसों को शेर ने अपना शिकार बनाया है। शेर के द्वारा लगातार किये गये इन दो हमलो के बाद ग्रामीण दहशत में हैं। शेर ने अभी तक जो भी हमले किये है वह दिन में किए है जिसके कारण लोग जंगल जाने से डर रहे है। इससे पहले भी उमरिया रोड में पडने वाले कई ग्रामो में तेंदूआ अपनी दहशत फैला चूका है। घटना के बाद वन विभाग ने जंगलो में कैमरा लगवाया था। जिससे पुष्टि भी हुई की तेंदूआ ही लगातार चौपायों का शिकार कर रहा है। जिसके बाद अभी कुछ महीनो से तेदूआ की आहट नहीं सुनाई दी थी। अचानक शेर के आने से फिर ग्रामीणो में दहशत है। वही इस पूरे मामले मेें जब एसडीओ वन ए पी सिंह से बात की तो उन्होने बताया कि जिन ग्रामीणो के मवेशी का शिकार हुआ है उनको शासन के नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। आरओ शहपुरा राजेन्द्र परस्ते ने बताया कि जानकारी के बाद हम पूरे दल के साथ मौके पर पहुंचकर मुआयना किया है। जहां पर पद चिन्हो की तलाश की गई तो कुछ पद चिन्ह मिले है। पगमार्क के साथ ही शिकार की शैली को भी देखकर लग रहा है कि उक्त सभी शिकार शेर के द्वारा किए गए हंै। फिलहाल आसपास के सभी ग्रामो में मुनादी करा के सभी को जागरूक किया जा रहा है।
इनका कहना है
जंगल में जो पगमार्क मिले है उससे शेर की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। शायद वह बांधवगढ़ कारीडोर से भटक कर यहां पहुंच गया है।
मधु विराज, डीएफओ डिंडोरी।