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माह भर में एक सैकड़ा मवेशियों की मौत

ayazuddin siddiqui

Publish: Jul 20, 2019 09:30 AM | Updated: Jul 19, 2019 22:55 PM

Dindori

प्रदेश सरकार की योजनाओं पर पलिता लगाने में जुटा पशु विभाग

डिंडोरी. पशु विभाग डिंडौरी जिले में प्रदेश सरकार की योजनाओं पर पलीता लगाने में जुटे हुए हैं। पशु विभाग के आला अधिकारी की लापरवाही के चलते सैकड़ो मवेशी काल के गाल में समा चुके है। वहीं विभाग लिखा पढी की कार्यवाही केवल सरकारी कुर्सियों में बैठ कर खानापूर्ति के तौर पर करते हैं। बड़ा मामला विक्रमपुर क्षेत्र के घुसिया, सिंगारपुर, नूनखान गांव का सामने आया है ।जहां से लगभग 1 महीने में एक सैकड़ा मवेशियों की अचानक दर्दनाक मौत हो गई है और पशु विभाग हांथ पर हांथ धरे बैठा रहता है। आलम यह है कि मवेशियों की मौत से जहां खेत सूने हो गए हैं वहीं आर्थिक नुकसान किसानों को हो रहा है। लेकिन विभाग ने उस क्षेत्र में जाने की अभी तक जरूरत नहीं समझी। जबकि इस क्षेत्र के किसान अपने खेतों पर हल जोतने तक नही जा रहे है। इस पूरे मामले में जब हमने पशु विभाग के जिम्मेदार अधिकारी से बात करनी चाही तो मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले तो वह मीडिया से बात करने से मना कर दिए और अपना पक्ष भी नहीं रखा। दबी जुबान पर अधिकारी का यही कहना था कि मामले को हम पहले देख ले उस क्षेत्र में टीकाकरण लगवा ले उसके बाद ही हम मीडिया को किसी प्रकार का बयान देंगे। इसी तरह की लापरवाही के चलते करंजिया विकासखंड क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नियाज मंसूरी को जिला कलेक्टर बी कार्तिकेयन के द्वारा निलंबित किया गया था। वहीं इस मामले में भाजपा के पूर्व आदिवासी विधायक दुली चंद उरेती ने पशु विभाग पर निष्क्रिता का आरोप लगाया है। साथ ही कार्यवाही की मांग की है वही कार्यवाही न होने से भाजपा आंदोलन की चेतावनी दे रही है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा बरती जा रही लापरवाही से और भी मवेशी काल की गाल में समा जाएंगे।