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क्रेशर कारोबारी कर रहे कारोड़ो की राजस्व चोरी

ayazuddin siddiqui

Publish: Jul 20, 2019 10:10 AM | Updated: Jul 19, 2019 22:57 PM

Dindori

खनिज विभाग ने साधी चुप्पी, मामला उजागर होने पर भी कार्रवाई सिफर

डिंडोरी. अटूट खनिज संपदा से भरे पड़े आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में खनन कारोबारियों पर खनिज विभाग के अलावा राजस्व महकमे की दया दृष्टि बनी हुई है। जिनकी मौन स्वीकृति के चलते खनन कारोबारियों ने जिले भर में मिट्टी ,मुरुम,रेत और पत्थरों का भारी तादाद में अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इन खनन कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश दी जाये तो शासन के खाली पड़े खजाने की भरपाई काफी हद तक की जा सकती है। लगातार सुर्खियों में रहने के बाद भी विभागीय अमले द्वारा राजलक्ष्मी कास्ट्रक्शन, अमोलक कांस्ट्रक्शन, दीवारी रेत खदान, जीआरटीसी, पांडे कांस्ट्रक्शन पर कोई कार्यवाही नहीं कि गई है।
यह मामला है जी आर टी सी कंपनी का। जिसके द्वारा जिले में 85 करोड़ की लागत से 3 बड़ी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।और इन तीनो ही सड़कों पर गाड़ासरई के आगे रत्ना में लगाये गये अवैध क्रेशरों से भरी तादाद में अवैध खनन कर गिट्टियाँ निकाली जा रहीहै ।जिनका उपयोग कंपनी द्वारा इन सड़कों पर किया जा रहा है।और यह सब अखबारों के माध्यम से जिला प्रशासन के संज्ञान में पहले भी लाया जा चुका है मगर अफसोस की प्रशासनिक महकमे ने यहाँ भी चुप्पी साध रखी है।
यह मामला जिले की दूसरी बड़ी रेत खदान दीवारी का है,जहाँ विगत दो माह से ठेकेदार ने अपनी खदान को सरेंडर कर दिया है,लेकिन बावजूद इसके आवेदन करने के बाद से ही उक्त खदान पर पड़ी डंप रेत को एक स्थानीय खनन माफिया के माध्यम से ऊँचे दामो में बगैर रॉयल्टी के बेंचा जा रहा है।यह मामला भी प्रारम्भ से ही काफी सुर्खियों में रहा है।मगर अफसोस कि जिम्मेदारों ने इस ओर भी जरा सा ध्यान नहीं दिया।
बारूद के धमाके
खनिज एवं राजस्व विभाग की संदिग्ध कार्य प्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन्होंने पाकर बघर्रा मामले में जैन के्रशर संचालक पर कोई बड़ी कार्यवाही नही की है। जबकि स्थल का मुआयना किया जाये तो करोडंो का राजस्व सिर्फ और सिर्फ यहीं से वसूला जा सकता है। के्रशर संचालक द्वारा यहां बारूद के धमाके कर बड़ी-बड़ी खाइयां पाट दी गई है और जिले की गिट्टी दूसरे जिले में सप्लाई की जा रही है।
क्रेशर नहीं किया सील
शाहपुर के पास दर्री-मोहगांव के बल्हि स्थित क्रेशर में प्रभारी खनिज निरीक्षक ने लगभग 3 माह पहले अपने अमले के साँथ दबिश दे 2 करोड़ 38 लाख का प्रकरण तो तैयार किया था,लेकिन मशीनरी और क्रेसर को सीज नही किया था। मजे की बात तो यह की इस कार्यवाही के दौरान जिस कर्मी ने प्रभारी खनिज निरीक्षक के पंचनामे में हस्ताक्षर किये थे,फिर बाद में उसी कर्मी को मामूली लिखा पढ़ी कर क्रेसर स्थल सुपुर्द कर दिया था।और तब से ही उक्त कर्मी की देखरेख में मौके पर पड़ी लगभग 15000 घन मीटर गिट्टी का उपयोग उक्त कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक द्वारा प्रधानमंत्री सड़को और जिला मुख्यालय के बायपास निर्माण में किया जा रहा है और अब जब कभी भी इस संबंध में संबंधितों से की गई कार्यवाही संबंधी चर्चा की जाती है तो उनके पास एक ही जवाब होता है कि फाइल तैयार कर तत्कालीन कलेक्टर को दे दी गई थी। जिस पर अब तलक कोई पत्राचार विभाग को नही हुआ है।
इनका कहना है
उक्त मामलों में एक सप्ताह के अंदर उचित कार्यवाही की जायेगी ।
श्रीवन्ति परते, प्रभारी खनिज अधिकारी।