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बीहड़ के वाशिंदों को रेडियो पर मन लुभावन कार्यक्रम सुनाने की कवायद शुरू

mahesh gupta

Publish: Oct 18, 2019 11:50 AM | Updated: Oct 18, 2019 11:50 AM

Dholpur

तीन प्रदेशों के मध्य बीहड़ों में बसे धौलपुर में रेडियो पर कार्यक्रम सुनने की जिलेवासियों की अभिलाषा शीघ्र पूरी करने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आदेश पर प्रसार भारती (आकाशवाणी) ग्वालियर के अधिकारियों ने गुरुवार को जिले में एफएम की फ्रीक्वेंसी की जांच की, लेकिन यहां पर सुचारू रूप से नहीं आने पाने के कारण टावर स्थापित करने की जरूरत बताई।

आकाशवाणी ग्वालियर के अधिकारियों ने किया धौलपुर का दौरा
जांच रेडियो फ्रीक्वेंसी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आदेश पर किया दौरा
धौलपुर. तीन प्रदेशों के मध्य बीहड़ों में बसे धौलपुर में रेडियो पर कार्यक्रम सुनने की जिलेवासियों की अभिलाषा शीघ्र पूरी करने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आदेश पर प्रसार भारती (आकाशवाणी) ग्वालियर के अधिकारियों ने गुरुवार को जिले में एफएम की फ्रीक्वेंसी की जांच की, लेकिन यहां पर सुचारू रूप से नहीं आने पाने के कारण टावर स्थापित करने की जरूरत बताई। ग्वालियर आकाशवाणी से आए तकनीकी प्रमुख अरुण पाण्डे ने बताया कि प्रसार भारती के उप महानिदेशक (योजना) अतुल गुप्ता की ओर से धौलपुर राजस्थान में रेडियो फ्रीक्वेंसी उपलब्ध कराने के सम्बंध में जांच करने के आदेश मिले थे। इस सम्बंध में उन्होंने गुरुवार को धौलपुर का दौरा किया।
उन्होंने बताया कि प्रसार भारती की ओर से धौलपुर जिला आगरा मण्डल के अधीन दि या हुआ है, लेकिन यहां पर आगरा आकाशवाणी की फ्रीक्वेंसी बिलकुल नहीं आ रही है, जबकि ग्वालियर से आ रही है। लेकिन सुचारू नहीं होने के कारण लोग रेडियो का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
जबकि ग्वालियर आकाशवाणी की फ्रीक्वेंसी करौली, सरमथुरा जैसे डांग क्षेत्र तक पहुंच रही है। लेकिन उनके अधीन नहीं होने के
कारण धौलपुर में दिक्कत आ रही है, जिसे सही करने के प्रयास किए जाएंगे।
क्यों हो रही कवायद
तकनीकी प्रमुख अरुण पाण्डेय ने बताया कि गत माह जिला प्रमुख डॉ. धर्मपाल सिंह जादौन की ओर से प्रधानमंत्री को पत्र भेजा गया था। इस पत्र में बताया गया था कि धौलपुर जिले में प्रधानमंत्री की ओर से प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम को डांग व बीहड़ स्थित छोटे-छोटे गांवों में लोग नहीं सुन पाते हैं। कार्यक्रम संचालन कराने के लिए टेलीविजन की उपलब्धता कराई जाती है, लेकिन टेलीविजन गांवों, चौपालों व नुक्कड़ दुकानों पर नहीं हो पाती है। लोग रेडियो का उपयोग करते हैं, लेकिन रेडियो फ्रीक्वेंसी नहीं पकड़ता है। साथ ही रेडियो का उपयोग करने वाले देशहित के कार्यक्रम सुनने से वंचित रह जाते हैं। इस कारण रेडियो फ्रीक्वेंसी के लिए टावर स्थापित करने या फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की व्यवस्था हो जाए, तो लोग कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे। इसके बाद पत्र सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से होते हुए उनके पास जांच के लिए आया है।
ग्रामीण परिवेश में लोग रेडियो पर कार्यक्रम सुनना पंसद करते हैं। लेकिन फ्रीक्वेंसी नहीं होने के कारण मन की बात भी नहीं सुन पाते हैं। इससे परेशानी आती है। इस सम्बंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था, जिसके बाद अधिकारियों ने दौरा किया है। उम्मीद है कि शीघ्र ही रेडियो टावर स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. धर्मपालसिंह जादौन, जिला प्रमुख, धौलपुर।