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दोस्त के एक्सीडेंट के झांसे में आए लोग, फिर जो हुआ दंग रह गए

Mahesh Gupta

Publish: Nov 21, 2019 11:11 AM | Updated: Nov 21, 2019 11:11 AM

Dholpur

मेरे दोस्त का एक्सीडेंट हो गया है। मैं दिल्ली में अपोलो अस्पताल में हूं। मुझे रुपयों की सख्त जरूरत है। मेरे खाते में तुरंत पैसे डालो। अपने परिचित के सोशल मीडिया मैसेंजर से मैसेज आते ही लोगों ने पैसे डालने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया अकाउण्ट हैक का शिकार हुए हैं जिला परिषद में वरिष्ठ लिपिक अजय डण्डोतिया।

जिला परिषद वरिष्ठ लिपिक का खाता किया हैक
धौलपुर. मेरे दोस्त का एक्सीडेंट हो गया है। मैं दिल्ली में अपोलो अस्पताल में हूं। मुझे रुपयों की सख्त जरूरत है। मेरे खाते में तुरंत पैसे डालो। अपने परिचित के सोशल मीडिया मैसेंजर से मैसेज आते ही लोगों ने पैसे डालने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया अकाउण्ट हैक का शिकार हुए हैं जिला परिषद में वरिष्ठ लिपिक अजय डण्डोतिया। हैकर ने उनके परिचितों, रिश्तेदारों के एफबी मैसेंजर पर दुर्घटना का संदेश डालकर तुरंत पैसे डालने की बात कही। इस पर कइयों ने पैसे डाल दिए, तो कई बच गए। जैसे ही इस घटनाक्रम का डण्डोतिया को पता चला तो उन्होंने फोन कर परिचितों को रुपए नहीं डालने की बात कही। लेकिन हैकर लगातार संदेश डालता रहा। आखिरकार दूसरे दिन सुबह डण्डोतिया ने अपना सोशल मीडिया अकाउण्ट तो बंद करवा ही दिया, वहीं खुद के पैसे जाने के भय से बैंक से भी अपने खाते फ्रीज करवा दिए। इस सम्बंध में डण्डोतिया ने निहालगंज थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है मामला
अजय डण्डोतिया ने बताया कि वह 17 नवम्बर को खाना खा रहे थे। इस दौरान बच्चे मोबाइल पर गेम खेलने लग गए। इसी दौरान हैकर ने उनके एफबी खाते को हैक कर लिया। सबसे पहले उसने उनके भांजी दामाद सैपऊ हाउस निवासी राहुल शर्मा को मैसेज किया। दोस्त का एक्सीडेंट होने और अपोलो दिल्ली में भर्ती होने का हवाला देते हुए रुपए मांगे। इस पर उसने कहा कि वे अपोलो अस्पताल ही आ रहे हैं। इस पर हैकर ने कहा कि पैसे अभी जमा कराने हैं। इस पर उन्होंने डण्डोतिया को फोन किया तो वह घर पर ही मिले। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
डण्डोतिया के मैसेज हटा रहा था हैकर
डण्डोतिया को जैसे ही अकाउण्ट हैक करने की जानकारी मिली तो उन्होंने लोगों को जानकारी देने के लिए जैसे ही मैसेज डालने का प्रयास किया तो हैकर उनके मैसेज को हटा देता था। इस पर उन्होंने फोन कर दूसरे मित्रों को टैग कर मैसेज डालने की बात कही। फिर लोगों ने मैसेज डाले और वायरल किए। इस प्रक्रिया के चलते डण्डोतिया सारी रात जागते रहे।
करीब चार दर्जन लोगों को किया मैसेज, तीन चार हो गए शिकार
डण्डोतिया ने बताया कि हैकर ने उनके रिश्तेदारो के अलावा परिचितों तथा करीब 50 साथी कर्मचारियों को भी मैसेज किया। इस दौरान एक सरकारी कर्मचारी रामनिवास सिंह ने दस हजार रुपए गूगल पे पर डाल दिए। इसी प्रकार जिला परिषद में सहायक लेखाधिकारी उत्तम गोयल, भतीजे नरेश डण्डोतिया को फोन किया।
वहीं कई अन्य ने भी पैसे डालने की जानकारी दी।
किस तरह होती है ठगी
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ आयुष भारद्वाज के अनुसार फेसबुक एप का चलन इन दिनों बढ़ गया है। अपने व्यक्तित्व जानने से लेकर सबसे खास मित्र को पहचानने तक ऐसी हजारों एप्स फेसबुक पर मौजूद हैं । यूजर इन्हीं में से किसी एक पर क्लिक कर अपने एकाउंट का एक्सेस दे देता हैं। जिसमें स्टेटस डालना, पोस्ट लाइक करना और मैसेज भेजना और पढऩा प्रमुख है। इन एप्स के डेवलपर इस एक्सेस के माध्यम से यूजर के परिचितों को गुमराह करते हुए मैसेज भेजते हैं और पैसे की मांग करते हैं। भारद्वाज बताते हैं कि ये लोग पैसे बैंक एकाउंट की बजाय पेटीएम वालेट में मंगवाते हैं। जिसके कारण यह है कि बैंक एकाउंट में जहां रेवेर्सल का मैकेनिज्म होता है अर्थात पैसे लेनदार के खाते से काट कर देनदार के खाते में पुन: जोड़ दिए जाते हैं। वहीं पेटीएम की पोलिसियों के अनुसार एक बार ट्रांसफर होते पैसे किसी भी सूरत में पेटीएम वापस नहीं कर सकता। हां, अगर यूजर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई जाए तो सिर्फ वॉलेट की केवाईसी डिटेल दी जा सकती है। इन केसेस में अधिकतर केवाईसी डिटेल्स फर्जी होती हैं। ऐसे में यूजर के पैसे डूबने लगभग तय हैं।
क्या सावधानियां रखी जाए
1. फेसबुक पर थर्ड पार्टी एप्स का उपयोग करने से बचें
2. अगर की हुई है तो एप्स सेटिंग में जा कर उनका एक्सेस बंद कर दें या हटा दें ।
3. फेसबुक एकाउंट का टू स्टेप वेरिफिकेशन हमेशा ऑन रखें।
4. फेसबुक पर अपना ईमेल अड्र्स हमेशा अपडेटेड रखें।
5. पब्लिक पीसी पर एकाउंट लॉगिन ना करें।
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